ब्रेंट कच्चे तेल की क़ीमत में भारी गिरावट

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दुनियाभर में एक प्रमुख कच्चे तेल की क़ीमत में भारी गिरावट आई है और इसका असर अमरीकी शेयर बाज़ार पर दिखने लगा है.

एक प्रमुख बेंचमार्क माने जाने वाले कच्चे तेल ब्रेंट की क़ीमत प्रति बैरल 40 डॉलर से कम हो गई है.

वर्ष 2009 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है. ब्रेंट ब्रिटेन में कच्चे तेल का एक प्रकार है और कई सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट में इसे बेंचमार्क माना जाता है.

ये अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड की ओर भी इशारा करता है.

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पिछले साल जून से इसकी क़ीमत में 60 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई है.

क़ीमतों में आई गिरावट के कारण सऊदी अरब, नाइजीरिया और वेनेज़ुएला जैसे तेल उत्पादक देशों को भारी नुक़सान हो रहा है. जबकि तेल आयातक देशों को इसका फ़ायदा हो रहा है.

पिछले सप्ताह तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक की बैठक में निर्यात को सीमित करने के लिए क़दम उठाने पर कोई सहमति नहीं हो पाई थी.

अमरीकी शेयर बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत में आई गिरावट का असर दिखने लगा है. पाँच मिनट के अंदर डाऊ जोंस में 200 अंक की गिरावट आई है.

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