'डियर मार्क, क्यों ऐसा फ्रॉड कर रहे हैं आप?'

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फ़ेसबुक ने भारत में फ्री बेसिक इंटरनेट के लिए एक अभियान छेड़ा है जिसके तहत वो लोगों से ट्राई को एक ईमेल लिखने के लिए कह रहा है.

मज़ेदार बात है कि फेसबुक ने ईमेल का मसौदा भी तैयार किया है और आप अगर फेसबुक यूज़र हैं तो आपको बस एक क्लिक करने भर की देर है. ये मेल ट्राई को चला जाता है.

ईमेल के मसौदे में फ्री बेसिक इंटरनेट से जुड़े उन पहलुओं को नहीं दर्शाया गया है जो फेसबुक के इंटरनेट.org अभियान से जुड़े हैं.

कई लोगों ने संभवत बिना पढ़े ही ये ईमेल ट्राई को भेजा है लेकिन कई लोग फ़ेसबुक पर ही इसका विरोध कर रहे हैं.

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बैंगलुरू से पीयूष तिवारी लिखते हैं, "फेसबुक ट्राई को ईमेल भेजने का विकल्प दे रहा है. डियर मार्क आपको क्या लगता है कि हम नहीं समझेंगे कि इस ईमेल का मतलब परोक्ष रुप से आपके इंटरनेट.org का समर्थन है. क्यों ऐसा फ्रॉड कर रहे हैं आप."

जरशद ककराकैंडी ने पोस्ट किया है, "मेरे फेसबुक के मित्र पता नहीं क्यों फेसबुक के फ्री बेसिक्स मेल का समर्थन कर रहे हैं. क्या उन्हें पता भी है वो किसी चीज़ पर हस्ताक्षर कर रहे हैं."

हालांकि सुश्रुत बिदवई इसका समर्थन करते हैं और लिखते हैं, "जब भी कभी कोई नेट न्यूट्रैलिटी वाला बंदा ये कहता है कि गरीबों को इंतज़ार करना चाहिए नेट का, मुझे लगता है कि फ्री बेसिक पर लिया गया मेरा स्टैंड सही है. गरीबों को नेट अभी मिलना चाहिए. दस साल बाद नहीं."

शाश्वत राज अस्थाना लिखते हैं, "फ्री बेसिक और नेट न्यूट्रैलिटी दो अलग-अलग मुद्दे हैं. कृपया को भी पेटिशन साइन करने से पहले पढ़ लें. मैं नेट न्यूट्रैलिटी के समर्थन में हूं."

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