चीन: 'भद्दे' अनुवाद पर टैगोर की कविताएं हटाईं

रविंद्रनाथ टेगौर

चीन के एक प्रकाशक ने भारत के मशहूर कवि और रविंद्रनाथ टैगोर के अनुवाद को 'अश्लील' होने की वजह से हटा लिया है.

चीन के उपन्यासकार फेंग टेंग ने रविंद्रनाथ टैगोर के साहित्य का अनुवाद किया था.

उनके प्रकाशक ने सोमवार को उन्हें बताया है कि चीन के साहित्यिक और अनुवाद जगत में टैगोर के कार्य पर गंभीर चर्चा के बाद उनके अनुवाद को बिक्री से हटाया जा रहा है.

हालांकि फेंग ने अपने अनुवाद का बचाव करते हुए कहा है कि इससे पहले किए गए अनुवाद में टैगोर की शैली नहीं थी.

टैगोर पहले ग़ैर यूरोपीय साहित्यकार थे, जिन्हें साहित्य का नोबल दिया गया था.

चीनी मीडिया ने हाल के दिनों में फेंग के अनुवाद पर कहा है कि ये पुराने चीनी अनुवादों से बहुत अलग है.

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेली ने अनुवाद की आलोचना करते हुए कहा है कि फेंग ने 'भद्दे और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया है.'

हालांकि फेंग ने एक स्थानीय अख़बार से बात करते हुए अपने अनुवाद का बचाव करते हुए कहा है, "मुझे नहीं लगता कि मैंने टैगोर का ग़लत अनुवाद किया है."

उन्होंने कहा कि इससे पहले चीनी में किया गया अनुवाद सही तो है लेकिन ''उसमें बाल सुलभ, आध्यात्मिक और काव्यात्मक अर्थों की कमी है.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)