पठानकोट के सुबूतों की समीक्षा की पाक ने

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में पठानकोट हमले पर चर्चा हुई और भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारियों की समीक्षा की गई.

इस संदर्भ में भारत सरकार के साथ संपर्क में रहने का फ़ैसला किया गया.

हमले की निंदा करने के साथ ही बैठक में पाकिस्तानी क्षेत्र में चरमपंथ का ख़तरा जड़ से ख़त्म करने के लिए भारत के साथ सहयोग करने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई गई.

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स्थानीय संवाददाता हारून राशिद के अनुसार क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में पाक आर्मी स्टाफ़ के प्रमुख, वित्त मंत्री, गृहमंत्री, विदेश मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, इंटर सर्विस इंटेलिजेंस के महानिदेशक, विदेश सचिव और सैन्य कार्रवाई के महानिदेशक शामिल थे.

बैठक में सभी तरह के चरमपंथ की कड़े शब्दों में निंदा की गई. साथ ही संतोष जताया गया कि पाकिस्तान के चरमपंथ विरोधी अभियान को अहम सफलता मिली है.

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बैठक में माना गया कि पाकिस्तान का समूचा नेतृत्व और संस्थाएं पूरे तालमेल के साथ चरमपंथ का मुक़ाबला कर रही हैं.

बिना किसी भेदभाव के सभी चरमपंथियों और चरमपंथी संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए राजनीतिक सहमति जताई गई.

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यह भी प्रण लिया गया कि दुनिया में किसी भी जगह चरमपंथी घटनाओं को अंजाम देने वाले किसी भी चरमपंथी को पाकिस्तान की धरती का इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

बैठक में भरोसा जताया गया कि हाल में बने सद्भावना के माहौल पर दोनों देश लगातार सार्थक और व्यापक बातचीत की प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे.

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