'इस्लाम के नाम पर पुलिस वाले पर हमला'

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अमरीका के फ़िलाडेल्फ़िया शहर में कथित तौर पर इस्लाम धर्म के नाम पर एक हमलावर ने एक पुलिसवाले पर जानलेवा हमला किया है जिसमें पुलिस वाला गंभीर रूप से घायल हुआ है.

पुलिस के अनुसार, 33 वर्षीय पुलिसकर्मी जेसी हार्टनेट को हमलावर ने उस समय पिस्तौल से गोलियों का निशाना बनाया जब वो पुलिस की कार के अंदर बैठा था और कार चौराहे पर रुकी थी.

पुलिस का कहना है कि एडवर्ड आर्चर नामक 30 वर्षीय हमलावर ने अपने बयान में कहा है कि उसने यह हमला इस्लाम के नाम पर किया है और यह भी कि वह चरमपंथी गुट इस्लामिक स्टेट का समर्थक है.

फ़िलाडेल्फ़िया के पुलिस कमिश्नर रिचर्ड रॉस ने हमलावर के बयान के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "संदिग्ध हमलावर ने यह कबूल किया है कि उसने इस्लाम के नाम पर यह काम किया है. उसका कहना है कि वह मानता है कि पुलिसवाले उन कानूनों का बचाव करते हैं जो कुरान की तालीम के विरुद्ध हैं."

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पुलिस कमिश्नर का कहना था कि हमलावर ने पुलिसवाले को कत्ल करने के इरादे से ही नज़दीक से गोलियां मारी थीं. हमले में पुलिसवाले को बाएं बाज़ू में तीन गोलियां लगीं हैं और उसे गहरे ज़ख्म पहुंचे हैं.

पुलिस का कहना है कि 9 मिलीमीटर की जिस पिस्तौल से हमला किया गया, वह वर्ष 2013 में एक पुलिसवाले के घर से चोरी की गई थी.

पुलिस के मुताबिक, हमलावर ने अपने बयान में कहा है कि वह चरमपंथी गुट इस्लामिक स्टेट का हिमायती है, अल्लाह को मानता है और उसने अपना धर्म मानते हुए हमला किया है.

लेकिन फ़िलाडेल्फ़िया शहर के मेयर जिम केनी ने इस मुद्दे पर सफ़ाई पेश करने के अंदाज़ में कहा कि हमलावर के काम का इस्लाम या मुसलमानों से कोई संबंध नहीं है.

मेयर जिम केनी ने प्रेस कांफ़्रेंस के दौरान हमलावर के बारे में कहा, "यह एक अपराधी है जिसने चोरी की हुई पुलिस की पिस्तौल से हमारे एक पुलिसवाले को कत्ल करना चाहा. इस बात का किसी के मुसलमान होने या इस्लाम धर्म पर चलने से कोई संबंध नहीं है."

गुरूवार की रात करीब 11 बजे किए गए इस हमले में पुलिस द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में हमलावर को पुलिस की कार पर गोली चलाते देखा जा सकता है.

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Image caption पुलिसकर्मी जेसी हार्टनेट और हमलावर एडवर्ड आर्चर

अब पुलिस फ़िलाडेल्फ़िया शहर और यीडोन इलाके में स्थित हमलावर के घरों पर छापे मार रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस हमलावर के साथ और लोग भी जुड़े हैं.

गुरूवार को ही अमरीका के टैक्सस और कैलीफ़ोर्निया राज्यों में दो संदिग्ध इस्लामिक स्टेट के चरमपंथी भी पकड़े गए हैं.

उधर न्यूयॉर्क में पुलिस विभाग ने फ़िलाडेल्फ़िया शहर में पुलिसवाले पर हमले के बाद एक मेमो जारी करके शहर में पुलिसवालों को यह याद दिलाया है कि चरमपंथी गुट इस्लामिक स्टेट ने अपने समर्थकों को पुलिसवालों, अमरीकी फौजियों और गुप्तचर अधिकारियों को भी हमले का निशाना बनाने को कहा है.

न्यूयॉर्क में चरमपंथी हमलों के खतरे के तहत नववर्ष की शुरूआत से ही सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है.

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