ब्रिटेन में आइक्यू टेस्ट में भारतीय छात्रा टॉप

अनुष्का बिनॉय
Image caption लंदन के सेंट मेरीज़ कैथोलिक प्राइमरी स्कूल की छात्रा अनुष्का बिनॉय

लंदन में पिछले हफ़्ते भारतीय मूल की 11 वर्षीया एक छात्रा कश्मिया वाही ने मेन्सा आइक्यू टेस्ट में 162 में से 162 स्कोर किया.

पिछले महीने 11 साल की एक और भारतीय छात्रा अनुष्का बिनॉय ने भी मेन्सा टेस्ट में 162 स्कोर किया था.

समझा जाता है कि अधिकतर लोगों का औसत आईक्यू 100 होता है और 155 से ज़्यादा स्कोर करनेवाले सबसे ज़्यादा तेज़ दिमाग़ वाले एक फ़ीसदी लोगों में शामिल हो जाते हैं.

ऊँचे आईक्यू वाले 20 हज़ार मेन्सा सदस्यों में केवल 176 सदस्य ऐसे हैं जिनकी उम्र 11 साल या उससे कम है.

Image caption क्रिएटिव राइटिंग पसंद है अनुष्का को

बीबीसी एशियन नेटवर्क की अनीसा क़ादरी ने पश्चिमी लंदन के आइज़लवर्थ इलाक़े अनुष्का के घर पर उनसे और उनके परिवार से मुलाक़ात की.

अनुष्का बिनॉय ने बताया,"जब मैं एग्ज़ाम हॉल में पहुँची तो एकदम चकरा गई, वहाँ सभी बड़े लोग थे, मैं नर्वस हो गई, पर टेस्ट शुरू हुआ तो देखा वो आसान है.”

Image caption पिता बिनॉय जोसेफड, माँ शीना बिनॉय और बहन आंद्रिया बिनॉय के साथ अनुष्का

अनुष्का ने कहा कि उन्हें क्रिएटिव राइटिंग से लगाव है और वे लेखक बनना चाहती हैं.

उन्होंने कहा,"मैं क्रिएटिव राइटिंग ग्रुप ज्वाइन करना चाहती हूँ, क्योंकि मुझे लिखना अच्छा लगता है. मुझे अपने ब्लॉग पर लिखना पसंद है.”

अनुष्का के आइटी कन्सल्टेंट पिता बिनॉय जोसेफ़ ने बताया कि उनकी बेटी को रीज़निंग के सवाल अच्छे लगते हैं, इसलिए उसने मेन्सा टेस्ट देने के बारे में सोचा क्योंकि वहाँ ऐसे ही सवाल होते हैं.

Image caption हाई स्कोर वाले 20 हज़ार लोगों में केवल 176 11 साल या उससे कम उम्र के हैं

उन्होंने कहा,"उसे भरोसा नहीं था कि वो पास कर पाएगी कि नहीं, मगर जब रिज़ल्ट आया तो हमें ये जानकर बड़ी हैरानी हुई कि उसने सर्वाधिक संभव स्कोर किया है.”

केरल के कोट्टायम शहर के निवासी बिनॉय 2007 से अपने परिवार के साथ लंदन में रह रहे हैं. अनुष्का उनकी दो बेटियों में बड़ी हैं.

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