'नेता मुस्लिमों को बेइज़्ज़त करेंगे तो देश सुरक्षित नहीं रहेगा'

स्टेट ऑफ़ यूनियन भाषण देते बराक ओबामा इमेज कॉपीरइट AP

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबमा ने अपने अंतिम स्टेट ऑफ़ यूनियन भाषण में अपनी सरकार की नीतियों का मज़बूती के साथ बचाव किया.

इस दौरान वह अमरीका के भविष्य को लेकर आशावादी दिखाई दिए.

उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव की दावेदारी हासिल करने के अभियान की नकारात्मकता की आलोचना की और कहा कि अमरीका दुनिया की सबसे मज़बूत और टिकाऊ अर्थव्यवस्था है.

ओबामा ने अपने भाषण में नई नीतियों की घोषणा करने की जगह अपने कार्यकाल की उपलब्धियों पर ज़्यादा बातें कीं.

इमेज कॉपीरइट AFP

अपने भाषण में ओबामा ने स्वास्थ्य सेवा में सुधारों और अपने पड़ोसी मुल्क क्यूबा के साथ दोबारा बहाल किए गए राजनयिक संबंधों जैसी उपलब्धियों का जिक्र किया.

ओबामा ने कहा, '' अपने इस अंतिम भाषण में मैं अगले साल के बारे में बात नहीं करना चाहता.''

उन्होंने कहा, ''मैं अगले पांच साल, दस साल और उससे आगे ध्यान केंद्रित करना चाहता हूँ. मैं अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूँ.''

अमरीकी कांग्रेस इस साल आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार और दवाओं के नुस्खों के दुरुपयोग जैसे क़ानून पास कर सकती है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

ओबामा ने अपने भाषण में बच्चों को हथियारों से दूर रखने, सवैतनिक छुट्टियों और न्यूनतम वेतन बढ़ाने पर नीतियां बनाने को लक्ष्य बताया.

उन्होंने मतदाताओं और कांग्रेस सदस्यों को राजनीति में विभाजक सुरों से परहेज़ रखने की सलाह दी.

उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश कर रहे रिपब्लिकन डोनल्ड ट्रंप पर परोक्ष रूप से निशाना साधा, जिनकी मुसलमानों और प्रवासियों पर उनकी टिप्पणियों के लिए आलोचना की जा रही है.

उन्होंने कहा, "जब नेता मुसलमानों की बेइज़्ज़ती करते हैं, जब किसी मस्जिद पर हमला होता है या किसी बच्चे से बदसुलूकी होती है तो इससे हम सुरक्षित नहीं रहेंगे."

उनका कहना था, "यह पूरी तरह ग़लत है.. और इससे एक देश के नाते हमारे ऊपर धब्बा लगता है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार