भारत के 9 विचित्र जीवों की तस्वीरें

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भारतीय उपमहाद्वीप में विविधरंगी जीव पाए जाते हैं, कुछ तो ऐसे हैं जो केवल भारत में ही पाए जाते हैं.

ऐसे ही 9 जीवों की ख़ासियत पर बीबीसी अर्थ की ख़ास रिपोर्ट.

1. उड़ने वाली गिलहरी- भारत में पाया जाने वाला ख़ास जीव है उड़ने वाली गिलहरी, जो पेड़ पर रहती है और आम तौर पर रात में निकलती है.

इसे अपनी त्वचा को सिकोड़ने की ख़ूबी आती है. लेकिन ये कोई आम गिलहरी नहीं, यह ख़ास गिलहरी हवा में उड़ती है.

इसका प्राकृतिक वास नष्ट होने के कारण और इसका शिकार होने के कारण, भारत में इस गिलहरी की संख्या लगातार कम हो रही है.

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2. गंगा किनारे वाली डाल्फिन- गंगा नदी में पाई जाने वाली डाल्फ़िन दुनिया की घनी आबादी वाले इलाक़े में मिलती है. ये सूस के नाम से भी जानी जाती हैं और अनुमान लगाया जाता है कि इनकी संख्या अब 2000 से कम ही होगी.

प्लाटानिस्टा गेंजैटिका के लंबे पतले चोंच होते हैं और नुकीले दांत. गंदे नदी-नहरों में रहने वाले इन डॉल्फ़िन की बहुत ही छोटी आंखे होती हैं जो बहुत काम की नहीं होती.

यह प्रकाश की रोशनी को पहचान लेती हैं लेकिन आकार नहीं पहचान पाती है.

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3. एशियाई बर्र- दुनिया भर में सबसे ज़्यादा बर्र भारत में पाए जाते हैं. ये 5 सेंटीमीटर लंबा भी हो सकता है. एशियाई बर्र (वेस्पा मैंडारीनिया) दक्षिण पूर्व एशिया में भी पाया जाता है.

इनका विष इतना ख़तरनाक होता है कि वह मानव टिशू को गला सकता है. इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हो जाती है.

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4. भारतीय काले बिच्छू- भारतीय काला बिच्छू 10 सेंटीमीटर लंबा हो सकता है. यह बिच्छूओं में सबसे लंबा होता है. एक अध्ययन के मुताबिक़ भारतीय काले बिच्छू के विष में कैंसर निरोधी गुण होते हैं.

काले बिच्छू की प्रजाति के निकटवर्ती भारतीय लाल बिच्छू को दुनिया का सबसे ख़तरनाक बिच्छू माना जाता है. हालांकि बिच्छू डंक केवल तभी मारता है जब उसे अपनी रक्षा करनी होती है.

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5. विशाल वाटर बग- भारत में मिलने वाला वाटर बग दुनिया के सबसे बड़े बग में से है. इस प्रजाति को लिथोसेरस इंडिक्स कहते हैं और ये उत्तर भारत के मैदानी इलाक़े में पाया जाता है. यह गंगा और गंडक नदी के आसपास पाया जाता है.

वयस्क वाटर बग 8 सेंटीमीटर लंबा हो सकता है और यदि ये काटे तो बहुत ही दर्दनाक होता है. यह इतने बड़े होते हैं कि अमूमन मछली, सांप, छोटे कछुए और मेंढकों का शिकार कर लेते हैं.

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6. शार्क व्हेल- शार्क व्हेल दुनिया की सबसे लंबी मछली है. यह गर्म और उष्णकटिबंधीय समुद्रों में पाई जाती है. ये भारत के समुद्री तटों पर भी ख़ूब मिलती हैं.

अब उन्हें सुरक्षित रखने के उपाय किए गए हैं. शार्क व्हेल का आकार भले बड़ा हो लेकिन इनका लीवर अन्य शार्क से छोटा होता है.

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7. चित्तीदार बिल्लियां- भारत में बिल्लियों की बेहद ख़ास प्रजाति पाई जाती है. इसमें रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई शेर, पहाड़ी तेंदुए, स्नो लैपर्ड शामिल हैं.

इसके अलावा कई छोटी बिल्लियां भी पाई जाती हैं. वन बिलाव, जंगली बिल्ली और रेगिस्तानी बिल्ली भी इनमें शामिल है. भारत और श्रीलंका में चित्तीदार बिल्लियां, सभी जंगली बिल्लियों में छोटी हैं.

8. घड़ियाल- घड़ियाल( गैविलिस गेंजेटिक्स) लंबे, पतले जबड़े वाला होता है और इसके रेज़र जैसे दांत होते हैं. पुरुष घड़ियाल काफ़ी तेज़ आवाज़ निकालते हैं. वे मादा घड़ियाल को आकर्षित करने के लिए ऐसा करते हैं.

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यह 6 मीटर तक लंबा हो सकता है. एक शताब्दी पहले तक ये उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में 11 हज़ार किलोमीटर तक फैली नदियों में पाए जाते थे.

लेकिन इनकी संख्या 20वीं शताब्दी में काफ़ी कम हो गई. 1970 तक आते आते इनकी गिनती महज़ 200 तक रह गई. 1975 में भारत सरकार ने घड़ियाल की सुरक्षा का अभियान चलाया.

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9. लाल पांडा- पूर्वी हिमालय में लाल पांडा पाए जाते हैं. छोटे और एकदम प्यारे इस जीव को लेकर जीव वैज्ञानिक सालों तक उधेड़बुन में रहे कि ये किस प्रजाति का जीव है.

हालांकि अब देखा गया कि लाल पांडा की अपनी वंशावली है, जिसमें स्कंक, रैकून और मस्टेलीड्स जैसे जीव हैं. इनका विशालकाय पांडा से कोई लेना देना नहीं है.

इनमें झूठे अंगूठे होते हैं. ये मांसाहारी होते हैं लेकिन पहले वनस्पतियां ही खाते हैं. ये बांस की पत्तियां, फल, फूल और कभी-कभी अंडे या छोटे पक्षी को भी खाते हैं.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी अर्थ पर उपलब्ध है.

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