पाक में दुर्लभ तिलोर के शिकार से रोक हटी

हुबारा बस्टर्ड इमेज कॉपीरइट AFP

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने दुर्लभ पक्षी हुबारा बस्टर्ड यानी तिलोर के शिकार से प्रतिबंध हटा लिया है.

मध्य पूर्व में शिकारी तिलोर को मूल्यवान मानते हैं क्योंकि उसके मांस को कामोत्तेजना बढ़ाने वाला समझा जाता है.

इमेज कॉपीरइट THINKSTOCK

हर साल लाखों की तादाद में ये प्रवासी पक्षी सर्दियों में 200 किलोमीटर का सफ़र करके मध्य एशिया से पाकिस्तान और ईरान के रेगिस्तानी इलाक़ों में आते हैं.

इंटरनेशनल यूनियन ऑफ द कंज़र्वेशन ऑफ़ नेचर (आईयूसीएन) के एक अनुमान के मुताबिक़ दुनियाभर में हुबारा बस्टर्ड की संख्या 50 हज़ार से एक लाख तक है और ये संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में शामिल है.

इमेज कॉपीरइट

शिकार पर रोक के बावजूद पाकिस्तान सरकार मध्यपूर्व के प्रतिष्ठित लोगों को इसके शिकार की विशेष अनुमति देती रही. जबकि आईयूसीएन के मुताबिक़ परमिट से ज़्यादा पक्षियों का शिकार होता रहा.

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने इसके शिकार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था.

इमेज कॉपीरइट AFP

सरकार ने प्रतिबंध को चुनौती दी और दलील दी कि खाड़ी देश के निवेशक इसके ज़रिए अविकसित क्षेत्रों में निवेश करते हैं और इस प्रतिबंध से मध्यपूर्व देशों से पाकिस्तान के रिश्तों पर ग़लत असर पड़ेगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार