यही है भविष्य की सिटी कार?

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टोयोटा आई रोड को जेनेवा मोटर शो में पहली बार 2013 में प्रदर्शित किया गया लेकिन हाल ही में इसे टेस्ट ड्राइव के लिए उपलब्ध कराया गया है.

इस इलेक्ट्रिक कार को सबसे आकर्षक सिटी कार आंका गया है.

इस कार के उत्पादन के बाद से जब 20 आई- रोड कारों का टेस्ट रन टोक्यो और फ्रांस के ग्रेनोबल में आयोजित किया गया, तब से बीबीसी ऑटोस की नज़र इस कार पर थी.

इसके बाद इसे कोलाराडो के आस्पन आइडियाज़ फेस्टिवल में भी शामिल किया गया. तो आख़िर उसमें ऐसा ख़ास क्या है?

यह कार देखने में उड़ने लायक मालूम होती है लेकिन 300 किलोग्राम वजनी कार सड़क पर फर्राटे नहीं भर सकती.

इसकी अधिकतम गति 37 मील प्रति घंटा यानी 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. लेकिन अपनी लुक के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि यह तेज रफ़्तार कार है, चाहे असलियत में ऐसा है नहीं.

इसके अगले दोनों चक्कों में अलग अलग 2.7 हॉर्स पॉवर की इलेक्ट्रिक मोटर लगी होती है और स्टीयरिंग पिछले चक्के को संचालित करती है. चलाते वक्त स्पोर्ट्स कार जैसा रोमांच होता है.

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हालांकि उसी दौरान आपको डर और चिंता भी महसूस होती है. बावजूद इसके, इस कार का भविष्य अनिश्चित है.

पूरी तरह से ढंकी हुई और सिंगल सीट वाली ये कार काफी हद तक तिपहिया जैसी मालूम होती है. इतना ही नहीं, इस कार का कांसेप्ट भी नया नहीं हैं.

जनरल मोटर्स और मर्सिडीज़ बेंज़ ने इस तरह के तिपहिया कांसेप्ट को 1980 और 1990 के दशक में पेश किया था. लेकिन तब इन्हें केवल मोटर-शो के दौरान कांसेप्ट के तौर पर ही पेश किया जाता था.

इसे शहरी वाहन के तौर पर विकसित करने की कोशिशें ज़्यादा नहीं हुईं. लेकिन टोयोटा के नए प्रयासों को देखते हुए हमें उम्मीद करनी चाहिए कि ये कार एक दिन सिटी कार के तौर पर इस्तेमाल होगी.

टोयोटा ने टोक्यो और ग्रेनोबल फील्ड से हासिल अनुभवों के आधार आई-रोड कार को काफ़ी व्यवहारिक बनाने की कोशिश की है.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें जो बीबीसी ऑटोस पर उपलब्ध है.(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

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