ताइवान से भेजे लेख चीन में 'छिप गए'

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चीन के निजी मीडिया ने आधिकारिक रोक का उल्लंघन करते हुए पिछले हफ़्ते ताइवान के राष्ट्रपति चुनाव की रिपोर्टिंग की, लेकिन अपने संवाददाताओं को इस बारे में ख़ामोश रहने को कह दिया. कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) ने यह कहा है.

इन चुनावों में साई इंग वन की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी की जीत हुई है, जो चीन से आज़ादी चाहती है.

चीन की कई वेबसाइटों ने, जिनमें फ़ीनिक्स, साइना और सोहू शामिल हैं, अपने संवाददाताओं को ताइवान भेजा था.

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एक रिपोर्टर ने सीपीजे को बताया, "साइबरस्पेस प्रशासन ने ऑनलाइन मीडिया संस्थानों को निर्देश दिए थे कि रिपोर्टरों को ताइवान न भेजें, लेकिन हमने फिर भी ऐसा किया."

बिज़नेस पत्रिका सैक्सिन ने इस बात का प्रचार किया कि ताइवान से भेजी गई ख़बरों को संपादित किया गया, लेकिन पत्रिका ने सीपीजे को किसी तरह का साक्षात्कार देने से इनकार किया.

एक अन्य ऑनलाइन पत्रकार ने कहा कि चुनाव के बारे में लेख 'छिप गए थे', "हमारे अपने चुनाव संबंधी लेख होम पेज पर नज़र नहीं आ रहे थे. जब तक आप उन्हें ढूंढें न, वह आपको नहीं दिखेंगे."

रिपोर्टरों ने बताया कि चीन के इंटरनेट नियामक ने वेबसाइटों को चुनाव से संबंधित सिर्फ़ एक लेख अपनी 'महत्वपूर्ण ख़बरों' के खंड में छापने की इजाज़त दी थी.

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प्रिंट मीडिया पर भी प्रतिबंध थे. गुआंगडोंग के साउदर्न मेट्रोपॉलिस के एक रिपोर्टर ने बताया कि उन्हें निर्देश थे, "ताइवान की राजनीति पर अपनी रिपोर्टिंग करने के बारे में सोचना भी मत."

"हमारे रिपोर्टर ताइवान में तैनात थे... लेकिन हमें उन्हें वापस बुलाना पड़ा."

इसके अलावा और भी संवेदनशील चीज़ें थीं. नए चुने गए राष्ट्रपति की प्रेस कॉंन्फ्रेंस का प्रसारण करते समय फ़ूजियान नेटवर्क साउथईस्ट टीवी ने झंडे और 'राष्ट्रपति', 'उपराष्ट्रपति' और 'संसद सदस्य' जैसे शब्दों को धुंधला कर दिया.

जब 16 जनवरी को गैर-सरकारी मीडिया पर साई की जीत की ख़बर पहली बार आई तो चीनी माइक्रोब्लॉग प्लेटफ़ॉर्म साइना वीबो ने अपने प्लेटफ़ॉर्म पर उनके नाम को ढूंढे जाने पर रोक लगा दी.

बीबीसी मॉनीटरिंग के विश्लेषकों ने बताया कि वीबो में 'साई इंग वन' को ढूंढने पर कोई परिणाम नहीं मिला और एक ऑन स्क्रीन मैसेज आया जिस पर लिखा हुआ था "संबंधित क़ानून, नियम और नीतियां".

डिलीट की गई वीबो पोस्ट को पकड़ने वाली वेबसाइट फ़्री वीबो के अनुसार 'साई' शब्द को भी सेंसर किया गया था.

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