फ़्रांसः 'हत्यारी' महिला की सज़ा माफ़

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फ़्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांस्वा ओलांद ने अपने पति की हत्या करने वाली एक महिला की जेल की शेष सज़ा माफ़ कर दी है.

उन्हें 10 साल की सज़ा मिली थी.

जैक्लीन सौवॉज़ का कहना है कि उनके पति एक हिंसक शराबी थे जिन्होंने बलात्कार करने के साथ ही कई दशकों तक उन्हें और उनकी बेटियों को पीटा है.

उनका कहना था कि उनके पति ने उनके बेटे को भी काफ़ी तंग किया था जिसके कारण उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली थी.

10 सितंबर 2010 को अपने बेटे की आत्महत्या के एक दिन बाद सौवॉज़ ने अपने पति की पीठ में तीन बार गोली दाग़ दी थी.

इस हत्या के लिए उन्हें अक्तूबर 2014 में दोषी पाए जाने पर 10 साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

लेकिन क़रीब 400,000 से अधिक लोगों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर कर ओलांद को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा.

वकीलों का कहना है कि सज़ा में कमी करने का मतलब यह होगा कि 68 वर्षीय यह महिला मध्य अप्रैल तक जेल से रिहा हो जाएंगी.

उनकी आत्मरक्षा की याचिका ख़ारिज होने के बाद दिसंबर 2015 में अपील पर फ़ैसला बरक़रार रखा गया था.

फ़्रांस में यह मामला काफ़ी सुर्ख़ियों में है और इस अभियान से जुड़े लोग आत्मरक्षा की परिभाषा को विस्तार देने के लिए कह रहे हैं जिसमें हिंसा के पीड़ितों को भी शामिल किया जाए.

इस क़दम से सौवॉज़ के जुर्म को ख़ारिज नहीं किया जा रहा है बल्कि उनकी बाक़ी बची हुई सज़ा को कम किया जा रहा है.

राष्ट्रपति की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया, "इस तरह की अपवाद स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति चाहते हैं कि सौवॉज़ अपने परिवार के पास जल्द से जल्द लौट जाएं."

सौवॉज़ की तीन व्यस्क बेटियों ने ओलांद से मुलाक़ात की थी, जिसके दो दिन बाद यह फ़ैसला आया.

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