अमरीका में दावेदारों का पहला इम्तिहान आज

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अमरीका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी अपने-अपने उम्मीदवार तय करने की मुहिम सोमवार से औपचारिक तौर पर आयोवा राज्य में शुरू कर रही हैं.

पिछले महीनों में दोनों ही पार्टियों के दावेदारों ने इस राज्य के 350 से ज़्यादा चक्कर लगाए हैं और आख़िरी घड़ी तक अलग-अलग जगह पर रैलियां कर रहे हैं.

अपनी क़ाबिलियत के गवाह के तौर पर रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने की कोशिश में जुटे अरबपति डॉनल्ड ट्रंप अपनी पत्नी को लेकर आए हैं.

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वहीं पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के पति बिल क्लिंटन और उनकी बेटी चेल्सी भी चुनाव प्रचार कर रही हैं.

कभी फ्रंट रनर समझे जाने वाले बुश ख़ानदान के दूसरे चिराग़, जेब बुश ने वोटरों को रिझाने के लिए यहां बर्गर तले हैं. टेड क्रूज़ बंदूकों से अपना लगाव दिखाने के लिए चिड़ियों के शिकार पर गए हैं.

महीनों की मेहनत के बाद आज सबके लिए इम्तिहान की घड़ी है.

वैसे तो इस राज्य की आबादी मुश्किल से 30 लाख की है और यहां की जीत-हार किसी उम्मीदवार की किस्मत नहीं तय करती.

लेकिन इन चुनावों की शुरुआत इसी राज्य से होती है और पहली ही गेंद पर छक्का लग जाए तो जिस तरह पारी की रफ़्तार बदल जाती है उसी तरह यहां मिली जीत उम्मीदवारों को एक गति दे देती है.

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आयोवा के निवासी कुछ हद तक इतनी अहमियत दिए जाने पर ख़ुश भी हैं और इसे एक ज़िम्मेदारी का काम मानते हैं. वहीं कुछ ऐसे भी हैं टीवी पर लगातार जारी विज्ञापनों और फ़ोन पर चल रहे प्रचार से तंग भी हैं

पूरी दुनिया का मीडिया यहां पहुंचा है. वैसे तो अमरीकी चुनाव पर हमेशा सबकी की नज़र रहती है लेकिन इस बार चुनाव प्रचार के दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवारी की कोशिश में जुटे डॉनल्ड ट्रंप के विवादास्पद बयानों ने काफ़ी सुर्खियां बटोरी हैं.

रिपब्लिकंस में यहां टक्कर फ़िलहाल डॉनल्ड ट्रंप और टेड क्रूज़ के बीच नज़र आ रही है. ट्रंप ने रिपब्लिकन मतदाताओं के एक ख़ास तबके को अपनी तरफ़ करने के लिए कभी मेक्सिकंस को कोसा है तो कभी मुसलमानों को.

पहले तो उन्होंने ख़ुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले संगठन के साथ संबंध रखने वाले मुसलमानों के अमरीका में घुसने पर रोक लगाने की बात की, बाद में सभी मुसलमानों के अमरीका में घुसने पर रोक लगाने की बात कही.

वहीं क्रूज़ कभी ईसाइयत पर ख़तरे का हवाला देकर, तो कभी ट्रंप को डेमोक्रैट्स का एजेंट करार देते हुए उम्मीदवारी पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश में हैं.

यहां तीसरे नंबर पर मार्को रूबियो चल रहे हैं और अगर उनका प्रदर्शन अच्छा रहता है यानी अगर वो कम अंतर से हारते हैं तो माना जा रहा है कि उनकी संभावनाएं आगे बेहतर हो सकती हैं.

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डेमोक्रेट्स में कहां तो लग रहा था कि हिलेरी क्लिंटन के लिए मैदान बिल्कुल साफ़ है लेकिन 2008 की तरह ही एक बार फिर उन्हें यहां कड़ी टक्कर मिल रही है और वह भी एक बिल्कुल ही अनजान उम्मीदवार बर्नी सैंडर्स से.

सैंडर्स ने डेमोक्रेटिक पार्टी के अति वामपंथी तबके को रिझाने की कोशिश की है. काफ़ी हद तक उनके भाषणों में वही जोश नज़र आ रहा है जो 2008 में ओबामा के भाषणों में होता था. उनकी रैलियों में युवाओं की ख़ासी तादाद दिखती है.

आयोवा में जो चुनाव की प्रक्रिया होती है उसे कॉकस कहा जाता है, जो औपचारिक मतदान से कहीं ज़्यादा एक चौपाल पर हाथ उठाकर होने वाले चुनाव की तरह होता है.

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ये प्रक्रिया शाम के सात बजे शुरू होती है और आमतौर पर मतदाताओं की संख्या बेहद कम होती है.

माना जा रहा है अगर मौसम ने साथ दिया और नए मतदाता बाहर निकले तो डेमोक्रैट्स की तरफ़ से बर्नी सैंडर्स को फ़ायदा हो सकता है. फ़िलहाल सर्वेक्षणों में बहुत कम अंतर से ही लेकिन हिलेरी क्लिंटन आगे चल रही हैं.

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रिपब्लिकंस में अगर वोटरों की तादाद अच्छी रही तो माना जा रहा है कि डॉनल्ड ट्रंप को उसका फ़ायदा होगा.

वैसे भी आज अमरीका समेत बाकी दुनिया में भी सबसे ज़्यादा नज़र इस बात पर होगी कि आयोवा डॉनल्ड ट्रंप की राजनीति को गले लगाता है या फिर ठोकर मारता है.

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