तालिबान के साथ बातचीत की रूपरेखा तैयार

अफ़ग़ानिस्तान और तालिबान चरमपंथियों के बीच वार्ता के रूपरेखा तैयार कर ली गई है.

इसके लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, अमरीका और चीन के प्रतिनिधियों ने वार्ता की. इस वार्ता में तालिबान शामिल नहीं हुआ.

माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच फरवरी के अंत तक वार्ता होगी. चारों देशों के प्रतिनिधियों ने सभी तालिबान गुटों से इस वार्ता में शामिल होने की अपील की.

अफ़ग़ानिस्तान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा कि उनका देश इन वार्ताओं के परिणाम देखने के लिए उत्सुक है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के विदेश मामलों पर विशेष सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने कहा कि हमारा मकसद तालिबान को वार्ता में शामिल करना होगा.

उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि हम जिस भावना और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं उससे हम अफ़ग़ानिस्तान में शांति वार्ता का तरीक़ा ढूंढ निकालेंगे."

उनके अनुसार, "अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच जल्द से जल्द वार्ता होना बहुत ज़रूरी है और हम उसी पर ध्यान दे रहे हैं."

अज़ीज़ ने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर अफ़ग़ानिस्तान के साथ है और जानता है कि इस क्षेत्र में हिंसा एक बहुत बड़ा मुद्दा है जिसे सुलझाना बहुत ज़रूरी है.

पिछले सोमवार को काबुल में हुए एक आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई थी. तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.

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