बुर्किना फ़ासो से अग़वा महिला रिहा

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बुर्किना फ़ासो से पिछले महीने अग़वा की गई एक ऑस्ट्रेलियाई महिला को छोड़ दिया गया है लेकिन उनके पति अब भी चरमपंथियों के क़ब्ज़े में हैं.

जोसलिन एलियट और उनके पति केन को माली सीमा के पास जिबो से अग़वा कर लिया गया था. इन दोनों की उम्र 80 साल से ज़्यादा है.

एलियट को पड़ोसी देश निजेर में रिहा किया गया. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने भी एलियट की रिहाई की पुष्टि की है.

जिहादियों पर नज़र रखने वाली एक संस्था के मुताबिक़ अल-क़ायदा से जुड़े चरमपंथियों ने जेल में बंद अपने साथियों को छुड़ाने के लिए इस दंपति को अग़वा किया था.

यह दंपति 1970 से ही इस शहर में स्वास्थ्य सेवा मुहैया करा रहे थे.

बुर्किना फ़ासो की राजधानी ऊगाडूगू के एक होटल पर कुछ दिनों पहले घातक हुआ था, उस दिन एलियट और उनके पति उसी होटल में थे.

जिबो के स्थानीय लोगों ने इस दंपति की रिहाई के लिए सोशल मीडिया पर एक मुहिम छेड़ी थी.

ख़ुफ़िया एजेंसी एसआईटीई के अनुवाद के मुताबिक़ 'अल-क़ायदा इन इस्लामिक मग़रिब' ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में कहा है कि महिलाओं को इस युद्ध से बाहर रखने के लिए ही एलियट को छोड़ा जा रहा है.

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