'मज़दूरों के वेतन से हथियार बन रहे हैं'

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दक्षिण कोरिया का दावा है कि उत्तर कोरिया ने गैसंग संयुक्त औद्योगिक परिसर में काम करने वाले लोगों की तनख्वाहों का 70 फ़ीसदी हिस्सा परमाणु हथियार कार्यक्रम और अमीरों के मंहगे सामान पर खर्च कर दिया है.

उत्तर कोरिया के उपग्रह प्रक्षेपण के विरोध में पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया ने गैसंग में कामकाज बंद कर दिया था.

दक्षिण कोरिया ने कहा था कि वो उत्तर कोरिया को और धन मुहैया नहीं कराना चाहता है.

निजी क्षेत्र द्वारा संचालित मैन्यूफ़ैक्चरिंग ज़ोन गैसंग में हज़ारों उत्तरी कोरियाई नागरिक दक्षिण कोरिया के उद्योगों के लिए काम करते हैं, जहां कपड़े बनाने, कार के पार्ट्स और सेमी कंडक्टर बनाए जाते हैं.

रविवार को दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि वेतन की राशि कर्मचारियों के बजाय सरकार को अमरीकी डॉलर में सौंपी गई.

एकीकरण मंत्री होंग-योंग-प्यो ने एक इंटरव्यू में कहा, "उत्तर कोरिया में जो विदेशी मुद्रा कमाई जाती है वह परमाणु हथियार और मिसाइलें विकसित करने और महंगे सामान खरीदने के लिए इस्तेमाल होती है."

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उन्होंने कहा कि 70 फ़ीसदी धन प्योंगयांग में प्रशासन के पास रखा जाता था और कर्मचारियों को खाना, ज़रूरी सामान और स्थानीय मुद्रा खरीदने के लिए टिकट दिए जाते थे.

कामकाज बंद किए जाने से गुस्साए उत्तर कोरिया ने परिसर से दक्षिण कोरिया के कर्मचारियों को निकाल दिया था और दक्षिणी कोरियाई कंपनियों की संपत्तियों को सील कर लिया है.

दोनों कोरियाई देशों के बीच गैसंग औद्योगिक परिसर सहयोग का आख़िरी ज़रिया था.

दक्षिण कोरिया का दावा है कि पिछले कुछ सालों में करीब 50.8 करोड़ डॉलर उत्तर कोरिया को चुकाए गए हैं.

सात फरवरी को उत्तर कोरिया ने एक उपग्रह को अंतरिक्ष में छोड़ा है जिस पर अंतरराष्ट्रीय जगत में तीखी प्रतिक्रिया हुई.

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