ईरान चुनावः सुधारवादी सफलता की चली बयार

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ईरान के सुधारवाद समर्थक समाचारपत्रों ने तेहरान प्रांत में सुधारवादी गठबंधन के प्रदर्शन को 'सफलता की मंद हवा' कहा है.

उधर कट्टरपंथी दैनिक समाचार पत्रों में 26 फ़रवरी को हुए चुनाव में ईरान के बाकी हिस्सों में रूढ़िवादियों को हुए 'कथित लाभ' पर प्रकाश डाला गया है.

संसदीय (मजलिस) चुनावों में ईरान के राष्ट्रपति के सुधारवादियों और समर्थकों का गठबंधन 'लिस्ट ऑफ़ होप' तेहरान प्रांत में भारी जीत की ओर बढ़ रहा है.

ये गठबंधन तेहरान से असेंबली अॉफ़ एक्सपर्ट में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए बनाया गया है. ये असेंबली सुप्रीम लीडर को चुनने के साथ उनकी गतिविधियों के अवलोकन के साथ ही उस पर अभियोग चलाने की ताक़त भी रखती है.

तेहरान में ये सुधारवादी गठबंधन 30 संसदीय सीटों में से 29 पर आगे चल रहा है. उधर, दूसरी तरफ कट्टरपंथी तासनिम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 119 सीटों के परिणाम घोषित हो गए हैं.

इनमें से रूढ़िवादियों ने 69 सीटें जीती हैं, जबकि 36 सीटें सुधारवादियों के खाते में और 14 सीटें दलगत राजनीति से अलग उम्मीदवारों के खाते में गई हैं.

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ईरान के आधिकारिक समाचार पत्र की हैडलाइन है- 'उदारवाद के समर्थकों के लिए निर्णायक जीत'.

राष्ट्रपति रूहानी की सरकार को उदारवादी सरकार के रूप में देखा जाता है और सुधारवादी काफी हद तक उनकी नीतियों का समर्थन करते हैं. समाचार पत्र अपने संपादकीय में लिखता है कि चुनाव में लोगों का वोट विकास और सही निर्णय लेने में परिपवक्ता की अभिव्यक्ति है.

सुधारवादी समाचार पत्र एतमाद की हैडलाइन है- 'संसद की सफाई'. ये बताता है कि संसद की संरचना में उल्लेखनीय परिवर्तन हो जाएगा.

उदारवादी समाचार पत्र अरमान-ए-एमरुज कहता है कि चुनावों में गठबंधन के अनजान चेहरों से वरिष्ठ रूढ़िवादी नेताओं की हार सुधारवादी नेताओं में लोगों के गहरे विश्वास को दिखाती है.

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कट्टरपंथी समाचार पत्र जवान कहता है कि अधिकतर निर्वाचन क्षेत्रों में रूढ़िवादी धड़े की बढ़त बताती है कि 'ईरान की संसद क्रांतिकारी ही रहेगी और अमरीका की मौत' का नारा बिना किसी प्रभाव के लगता रहेगा. चुनाव अभियान के दौरान ईरान के कट्टरपंथियों ने चुनावों में पश्चिमी मीडिया पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था.

कट्टरपंथी अख़बार वतन-ए एमरूज का शीर्षक है -"ईरानियों ने रूढ़िवादियों के लिए वोट दिया है". अखबार कहता है कि "देशद्रोही और सरकार समर्थक बलों ने अपने प्रयास क्रांतिकारी धड़े के खिलाफ अफवाहें फैलाने पर केंद्रित किए हैं, लेकिन ईरान के क़ानून पसंद लोगों ने असाधारण तरीके से वोट किया है."

ईरान के रूढ़िवादी खुद को क्रांतिकारी और सुधारवादी समूहों को देशद्रोही के रूप में देखते हैं.

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