ऑफ़िस में डेटिंग! ना बाबा ना

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अक्सर लोग दफ़्तर में अपने किसी साथी की तरफ़ झुकाव महसूस करते हैं.

प्यार हो जाता है. साथ ज़िंदगी बिताने की क़समें खाई जाने लगती हैं. कुल मिलाकर कहें तो दफ़्तर में रोमांस की जड़ें काफ़ी गहरी हैं और ये ख़ूब फल-फूल रहा है.

अमरीका में हुए एक सर्वे के मुताबिक़, क़रीब 40 फ़ीसदी लोगों ने अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी अपने सहकर्मी से रोमांस किया है. इन रूमानी रिश्तों में से एक तिहाई शादी में भी तब्दील हो गईं.

जर्मनी में तो क़रीब 60 फ़ीसदी लोग अपने ऑफ़िस में रोमांस करते हैं. हालांकि जापान में महज़ 30 फ़ीसदी के आस-पास लोग ही दफ़्तर में प्यार में पड़ते हैं.

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मगर, आपने कभी सोचा कि दफ़्तर में साथी से प्यार की पींगें बढ़ाने के बाद अचानक रिश्तों में तल्ख़ी आ गई तो क्या होगा?

ऑफ़िस में किसी ख़ूबसूरत साथी से मोहब्बत करने में कितने ख़तरे हैं? अपने सीनियर या जूनियर साथी के साथ प्यार करने में क्या नफ़ा-नुक़सान है? मोहब्बत के इस रिश्ते को ऑफ़िस के बाक़ी लोगों पर ज़ाहिर करना चाहिए कि नहीं?

चलिए जानने की कोशिश करते हैं.

एक अमरीका आईटी कंपनी में काम करने वाली केली फ़िन को अपने एक सहकर्मी से प्यार हो गया था.

उन्होंने इस बात को काफ़ी दिनों तक छुपाए रखा. वो और उनके साथी एक ही कंपनी के अलग-अलग विभागों में काम करते थे. इसलिए ऐसा करना आसान भी रहा. मगर, जब कंपनी ने एक आउटडोर ट्रिप का प्लान बनाया और दोनों को उसमें जाने का मौक़ा दिया तो केली मुश्किल में पड़ गईं.

छुट्टी पर साथ जाने पर दोनों का प्यार तो छुपने से रहा. इसलिए, दोनों ने कंपनी में अपने सीनियर्स को ये बात बताना सही समझा. वो नहीं चाहते थे कि अफ़वाहें फैलें.

केली सलाह देती हैं कि अगर दफ़्तर में किसी साथी से प्यार हो जाए तो अपने सीनियर्स को तो ज़रूर बता देना चाहिए.

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हां, इसका वक़्त क्या हो, ये आप अपने हिसाब से तय कर लें. और ये बताने के बाद अपने सीनियर्स को ये भरोसा भी देना ज़रूरी है कि इस रिश्ते से आप दोनों के ही काम पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा.

हालांकि सब, केली के तर्क पर नहीं चलते. अमरीका में ही हुए एक सर्वे के मुताबिक़, दफ़्तर में रोमांस करने वाले एक तिहाई लोगों ने अपने प्यार को बाक़ी साथियों से छुपाना ठीक समझा.

ये सर्वे करने वाली कंपनी की एच आर ऑफ़िसर, रोज़मेरी हेफ्नर ऑफ़िस के रोमांस में सावधानी की सलाह देती हैं.

वो कहती हैं कि आप बताना चाहें या नहीं, मगर दफ़्तर में एक दूसरे के प्रति आपका रवैया बिल्कुल प्रोफ़ेशनल होना चाहिए. बाक़ी साथियों से बर्ताव में भी सावधानी बरतनी चाहिए. ताकि आपके इस रिश्ते का काम पर असर न पड़े.

बोस्टन की करियर मैनेजमेंट कंपनी की एलेन वारेलास कहती हैं कि दफ़्तर में किसी साथी से रोमांस, बहुत अच्छा तजुर्बा है. लेकिन, आपको हमेशा इस बात का ख़याल रखना होगा कि आप कहां काम करते हैं. दफ़्तर में खुले तौर पर प्यार के इज़हार से बचना चाहिए.

इससे बाक़ी साथियों को दिक़्क़त हो सकती है. और आपका ये रवैया अनप्रोफ़ेशनल माना जाएगा. तो बेहतर होगा कि दफ़्तर में काम पर ध्यान दें. क्योंकि, आप वहां काम करने के लिए आए हैं, प्यार करने नहीं.

अगर, किसी सहकर्मी से प्यार हो जाए, तो सबसे पहले कंपनी के नियम क़ायदे पढ़ने समझने चाहिए. कई कंपनियों में इसे यौन उत्पीड़न भी माना जा सकता है. बेहतर है कि आप कंपनी के नियम क़ायदे से समझ लें.

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इसके बाद ही अपने रिश्ते को उजागर करें. क्योंकि तब आपको मालूम होगा कि आप दोनों का किन सवालों से सामना होने वाला है. कई बार ऐसा भी होता है कि आप दोनों एक कंपनी के अलग अलग विभागों में काम करते हैं और एक दूसरे से प्यार हो जाता है.

मगर बाद में दोनों को एक साथ काम करना पड़ सकता है. सो, इन सब बातों को क़ायदे से समझ लें. तभी अपने प्यार को बाक़ी साथियों पर उजागर करें.

अगर आपको लगता है कंपनी की पॉलिसी से आपको या आपके साथी को दिक़्क़त हो सकती है. तो सबसे अच्छा तरीक़ा होगा कि दोनों में से कोई एक अपना विभाग बदल ले. या, नौकरी बदल ले. इससे आप ऑफिस के गॉसिप के शिकार होने से बच जाएंगे.

दफ़्तर में रोमांस की सबसे बड़ी चुनौती होती है ब्रेक अप. मान लिया कि कुछ वक़्त साथ बिताने के बाद आप में अलगाव हो जाता है. तो इस ब्रेक अप को झेलना सबसे बड़ी दिक़्क़त है.

दोनों एक ही ऑफ़िस में काम करते हैं, तो मिलना भी होगा. कई बार एक ही प्रोजेक्ट पर साथ काम भी करना पड़ सकता है.

ब्रेक अप के बाद, पूर्व प्रेमी या प्रेमिका से किसी और सहकर्मी जैसा बर्ताव कर पाएंगे या नहीं. या फिर आपके ख़राब हुए रिश्तों का असर पड़ेगा? इन बातों को दिल ही दिल में टटोल लेना बेहतर होगा.

फ्रांस की करियर कंसल्टेंट, डॉक्टर लॉरेन टिलबरी कहती हैं कि रिश्ते ख़त्म होने के बाद भी पुराने प्रेमी से प्रोफ़ेशनल संबंध बनाए रखना चाहिए. हालांकि, वो ये भी कहती हैं कि, ये बड़ी चुनौती है.

बड़ा सवाल ये होगा कि क्या दोनों ही साथी इतने समझदार हैं कि ब्रेक-अप से सही तरीक़े से निपट सकते हैं? एक दूसरे से सामान्य बर्ताव कर सकते हैं? करियर की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं?

टिलबरी कहती हैं कि उन्होंने अपने बहुत से साथियों को ऑफ़िस के प्यार में पड़ने के बाद परेशानी से गुज़रते देखा है. क्योंकि वो ऑफ़िस के रोमांस के बाद ब्रेक-अप से सही ढंग से निपटने में नाकाम रहे.

प्रेमी या प्रेमिका के साथ काम करते वक़्त उनका ध्यान पुरानी बातों पर होता था. वो उनके साथ सामान्य बर्ताव नहीं कर पाए. इस वजह से वो काम में भी ध्यान नहीं दे पाते थे.

इसका सीधा असर उनके करियर पर पड़ा. इसीलिए टिलबरी कहती हैं कि अगर आप ज़्यादा जज़्बाती हैं तो बेहतर होगा कि दफ़्तर में रोमांस से बचें.

हालांकि सबका तजुर्बा एक जैसा नहीं होता. अमरीका के मिशिगन में रहने वाली रैशेल सदरलैंड को ही लें. उन्हें अपना जीवनसाथी एक मैग़्ज़ीन के काम करने के दौरान ही मिला.

ऑफ़िस में रोमांस के बावजूद, दोनों ने बहुत समझदारी से काम लिया. रैशेल और उनके साथी ने अपने प्यार का असर काम पर बिल्कुल नहीं पड़ने दिया.

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हालांकि रैशेल ये भी कहती हैं कि दोनों का प्यार, शादी में तब्दील न होता तो शायद उन्हें दिक़्क़त होती. वो कहती हैं कि दफ़्तर में रोमांस के बाद अगर ब्रेक-अप होता है तो इसे झेलना बेहद मुश्किल है.

अपने पुराने प्रेमी या प्रेमिका को बाक़ी सहकर्मियों के साथ आते-जाते हंसी-मज़ाक़ करते देखना तक़लीफ़देह होता है. अगर आपने समझदारी से काम न लिया तो ये आपका करियर बर्बाद कर सकता है.

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