प्रवासियों के आने पर स्लोवेनिया में सख़्ती

स्लोवेनिया के एक कैंप में बच्चे. इमेज कॉपीरइट Reuters

यूरोपियन यूनियन (ईयू) के सदस्य स्लोवेनिया ने कहा है कि वो प्रवासियों के लिए अपनी सीमाओं पर बुधवार से सख्ती बढ़ा रहा है.

स्लोवेनिया के गृह मंत्रालय ने कहा है कि प्रवासियों को देश में घुसने की इजाज़त केवल मानवीय आधार पर या फिर शरण लेने का दावा पेश करने वालों को ही मिलेगी.

इस घोषणा के बाद स्लोवेनिया के पड़ोसी देश सर्बिया ने भी इसी तरह के प्रतिबंधों की घोषणा की है. हालांकि सर्बिया ईयू सदस्य नहीं है.

ऑस्ट्रिया, क्रोएशिया और मैसेडोनिया पहले ही प्रवासियों पर कड़े प्रतिबंध लगा चुके हैं. इसके बाद अब ज़्यादातर प्रवासियों के लिए उत्तरी यूरोप पहुँचने के रास्ते बंद हो जाएंगे.

प्रवासी अब तक स्लोवेनिया के रास्ते जर्मनी और दूसरे उत्तर यूरोपीय देशों तक पहुँचते रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट AP

स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री मीरो सेरार ने कहा कि सीमा पर सख़्ती से प्रवासियों के लिए बाल्कन का रास्ता बंद हो जाएगा.

बाल्कन का रास्ता बंद होने की वजह से इस रास्ते पर आने वाले ग्रीस समेत सभी देश तुर्की की मदद से अनियमित प्रवासियों को वापस भेज देंगे. ये लोग अब बाल्कन के रास्ते तब तक नहीं निकल पाएंगे जब तक उन्हें तस्कर न ले जाएं.

वहीं ग्रीस के प्रधानमंत्री अलेक्स सीप्रास ने कहा है कि तुर्की और यूरोपियन यूनियन के समझौते से यूरोप आने वालों का बेरोकटोक आवाजाही रोकने में मदद मिलेगी.

इमेज कॉपीरइट AP

प्रवासियों के लिए ग्रीस यूरोप का एक अहम प्रवेश द्वार है. समझौते के तहत तुर्की ग्रीस के द्वीपों पर पहुँचे सभी अवैध प्रवासियों को वापस लेगा. इसके बदले में ईयू उतने ही सीरियाई प्रवासियों को तुर्की के शिविरों से लेकर उनका पुनर्वास करेगा.

सीप्रास ने कहा है कि यूरोप उन देशों के प्रवासियों को नहीं ले सकता, जहां जंग के हालात नहीं हैं.

हालांकि शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएचसीआर के मुताबिक़ लोगों को अपनी सीमाओं से लौटाना अंतराराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

यूएनएचसीआर के प्रवक्ता विलियम स्पिंडलर ने बीबीसी से कहा कि यूरोपियन यूनियन अपने ही फ़ैसलों को लागू नहीं कर रही है.

हालांकि तुर्की और ईयू प्रवासी संकट पर हुए इस समझौते को बड़ी कामयाबी मान रहे हैं. लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने इस पर चिंता जताई है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार