'पैगंबर को जेल' की टिप्पणी पर मंत्री बर्खास्त

मिस्र के कानून मंत्री अहमद अल-ज़िंद (बाएं) इमेज कॉपीरइट AFP

मिस्र के क़ानून मंत्री अहमद अल-ज़िंद को पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने के लिए बर्खास्त कर दिया गया है.

सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अहमद अल-ज़िंद को प्रधानमंत्री शेरिफ़ इस्माइल ने बर्खास्त किया है.

शुक्रवार को एक साक्षात्कार में ज़िंद ने कहा था कि ख़ुद पैगंबर मोहम्मद भी अगर क़ानून तोड़ें तो वो उन्हें जेल भेज देंगे.

हालांकि अगले दिन उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगते हुए कहा था, "ऊपर वाला मुझे माफ़ करे."

मुस्लिम ब्रदरहुड के आलोचक माने वाले ज़िंद की जगह कौन लेगा ये अब तक साफ़ नहीं हो पाया है.

इस बीच, ज़िंद के समर्थन में मिस्र के न्यायाधीश भी आगे आए हैं. उनका कहना है कि ज़िंद की जुबान फ़िसल गई थी और ये किसी के साथ भी हो सकता है.

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अब्दुल्ला फात ने कहा, "न्यायाधीशों को इस बात का दुख है कि जिस शख्स ने देश, देशवासियों और क़ानून की हिफाज़त की उसे इस तरह से दंड दिया गया."

ख़ुद एक न्यायाधीश रहे ज़िंद सार्वजनिक तौर पर इस्लामिक विद्रोह की आलोचना करते रहे हैं, जिसने 2011 में होस्नी मुबारक़ को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था.

इसी विद्रोह के बाद मुबारक़ के 30 साल के शासन का अंत हुआ और मुस्लिम ब्रदरहुड सत्ता में आई.

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