पल्माइरा पर सीरिया की सरकार का कब्ज़ा

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सीरिया की सरकारी सेना ने पल्माइरा के प्राचीन शहर को तथाकथित इस्लामिक स्टेट के कब्ज़े से छुड़ा लिया है.

यह खबर सरकारी मीडिया और सीरिया के हालातों पर निगरानी रख रहे सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स समूह ने दी है.

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सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद ने इसके लिए सेना की तारीफ की है औऱ कहा है कि यह सबूत है कि सीरिया की सेना और उसके समर्थक चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.

सेना के प्रतिनिधि ने सीरियाई टीवी को बताया की पल्माइरा पर कब्ज़ा इस्लामिक स्टेट के पतन की शुरूआत है.

सीरियाई सेना लगातार कई दिनों से इस इलाके में आगे बढ़ रही थी. रूस के हवाई हमलों ने इसमें सेना की काफी मदद की है. सूत्रों के अनुसार अब इस इलाके में सेना का पूरा नियंत्रण है.

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सेना के एक प्रवक्ता ने जीत की खबर सुनाते हुए कहा, "सिलसिलेवार तरीके से कई नाज़ुक और असरदार सैन्य अभियानों के ज़रिए हमारी सेना सीरियाई और रूसी सरकार के हवाई हमलों की मदद से पल्माइरा शहर में फिर से स्थिरता लाने में क़ामयाब हुई है. इस शहर पर पूरे तौर पर कब्ज़ा कर लिया है. इसके और आस पास के पहाड़ों पर कब्ज़ा कर लिया गया है और इसमें इस्लामिक स्टेट के कई लड़ाकों की मौत हुई है."

इस्लामिक स्टेट ने पल्माइरा शहर पर मई 2015 में कब्ज़ा कर लिया था.

पल्माइरा युनेस्को की विश्व विरासत स्मारकों की सूची में शामिल है.

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शनिवार को जारी की गयी तस्वीरों में सेना के हेलिकॉप्टरों और टैंकों को पल्माइरा की अलग अलग जगहों पर गोलीबारी करते हुए देखा जा सकता है.

हालांकि इन तस्वीरों की तारीख की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

वहीँ सीरिया की प्राचीन वस्तुओं और संग्रहालय विभाग के महानिदेशक मौमून अब्दुलकरीम ने बीबीसी को बताया कि उन्हें पूरा भरोसा है कि शहर को उसकी गरिमा लौटाई जाएगी.

उन्होंने कहा कि शहर के पुनर्निर्माण के कार्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मिलने वाली आर्थिक सहायता का स्वागत करेंगे परन्तु ज़रूरत पड़ने पर अपने आप से कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.

उन्होंने कहा, "मैं अपने सहकर्मियों के साथ पल्माइरा जाऊंगा. हम वहां हुई तबाही का आकलन करेंगे जिसके बाद हम तुरंत ज़रूरी कदम उठने के लिए नीति बनाएंगे. हमें नीति को लागू करने के लिए पुरातत्वविदों और वास्तुविदों सहित लगभग 2500 लोगों की ज़रूरत और यूनेस्को की मंज़ूरी चाहिए होगी. उम्मीद है की अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमारी मदद करेगा. अगर नहीं, तो हम अकेले ही काम करेंगे."

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