बनेगा एशिया को अफ़्रीक़ा से जोड़ने वाला पुल

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सऊदी अरब के शाह सलमान ने मिस्र को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए लाल सागर पर पुल बनाने की घोषणा की है.

पांच दिन की मिस्र यात्रा पर आए शाह ने शुक्रवार को क़ाहिरा में यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि लाल सागर पर पुल बनने से सऊदी अरब और मिस्र के बीच व्यापार बढ़ेगा.

मिस्र में व्यापक प्रदर्शनों के बाद 2013 में अब्दुल फतह अल सीसी ने कमान संभाली थी. उसके बाद से सऊदी अरब और दूसरे खाड़ी देशों ने मिस्र को अरबों डॉलर की मदद दी है.

सऊदी अरब सुन्नी देशों का ब्लॉक बनाना चाहता है ताकि क्षेत्र में शिया ईरान के बढ़ते प्रभाव को रोका जा सके.

शाह का मिस्र यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हाल में दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया है.

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सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के प्रति अल सीसी का रुख़ नरम रहा है और रियाद यमन के विद्रोहियों से निपटने के लिए मिस्र से ज़्यादा सहयोग चाहता है.

शाह ने कहा, "हम इस बात पर सहमत हैं कि दोनों देशों को जोड़ने के लिए एक पुल बनाया जाना चाहिए. एशिया और अफ्रीका को जोड़ने वाले इस ऐतिहासिक क़दम से दोनों महाद्वीपों के बीच व्यापार में भारी इजाफ़ा होगा."

अल सीसी ने कहा कि यह फ़ैसला अरब एकता के इतिहास में एक नया अध्याय है.

लाल सागर पर पुल बनाने का प्रस्ताव पहले भी कई बार आया था लेकिन इसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका.

पिछले अनुमानों के मुताबिक़ इस पर तीन से चार अरब डॉलर खर्च आएगा लेकिन ताज़ा प्रस्ताव के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है.

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