बाढ़ से बना टापू है छोटू गैंग का ठिकाना

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पाकिस्तानी पंजाब में फ़ौज जिस छोटू गैंग से जूझ रही है उस पर हत्याओं और फ़िरौती वसूलने के आरोप हैं.

गैंग से मुठभेड़ के दौरान छह पुलिसकर्मी मारे गए हैं. 24 पुलिसवाले बंधक हैं और चार ज़ख़्मी हैं.

स्थानीय मीडिया ने गैंग के सदस्यों की तादाद क़रीब 100 तक बताई है.

क़रीब 10 दिन से इस गैंग के ख़िलाफ़ पुलिस राजनपुर, रहीम यार ख़ान और कश्मोर के आसपास ऑपरेशन चला रही है.

बीबीसी संवाददाता शुमायला जाफ़री के मुताबिक़ साल 2010 में सिंध में बाढ़ आई तो उसमें एक टापू निकल आया.

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इस पर धीरे-धीरे कुछ लोगों ने क़ब्ज़ा कर लिया, जिन्हें पाकिस्तानी पंजाब की पुलिस डाकू कहती है.

स्थानीय मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक़ गिरोह के सरग़ना ग़ुलाम रसूल उर्फ़ छोटू ने पुलिस को चेतावनी दी है वह वापस चली जाए और हिरासत में लिए उनके साथियों को छोड़े, वरना बंधक बनाए गए पुलिसवालों की जान को ख़तरा हो सकता है.

अंग्रेज़ी अख़बार 'द न्यूज़' ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि छोटू ने फ़ौज के सामने आत्मसमर्पण की इच्छा जताई है और पुलिस के ख़िलाफ़ आख़िरी सांस तक लड़ने का संकल्प दोहराया है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ छोटू का कहना है, ''हम आतंकवादी नहीं, न ही राष्ट्र विरोधी हैं. हम जमींदार हैं और अपने घर-बार छोड़कर नहीं जाना चाहते. हमें जीने दिया जाए.''

इनके ख़िलाफ़ पुलिस ने कार्रवाई की पर एक तो ज़मीन के बाक़ी हिस्से से अलग होने और दूसरे जंगल की वजह से उसे काफ़ी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा.

इस बार पुलिस की मदद के लिए पाकिस्तानी फ़ौज भी मैदान में उतरी है और गनशिप हेलिकॉप्टरों को लगाया गया है. संवाददाता के मुताबिक़ छोटू गैंग के ख़िलाफ़ हवाई कार्रवाई जल्द शुरू हो सकती है.

सेना और पुलिस के लोग स्थानीय जनजातियों के लोगों के ज़रिए छोटू गैंग के सरग़ना से बात करने की कोशिश कर रही है, ताकि वो बंधक पुलिसवालों को छुड़ा सके. मगर उसे कोई ख़ास कामयाबी नहीं मिली है.

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