छोटू गैंग के पीछे पाकिस्तानी सेना

अभियान के दौरान मोर्चा संभाले एक जवान. इमेज कॉपीरइट AFP

पाकिस्तान की सेना इन दिनों दक्षिणी पंजाब के इलाक़े में सिंध नदी के एक टापू पर बदमाशों से जूझ रही है.

बदमाशों के इस गिरोह का नाम है छोटू गैंग. दरअसल, इस गिरोह ने क़रीब 10 दिन पहले 24 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया था.

इन अगवा पुलिसकर्मियों को रिहा कराने के लिए सुरक्षाबल लगाए गए और दोनों ओर से हुई फ़ायरिंग में छह पुलिसकर्मी मारे गए. इसके बाद इस ऑपरेशन के लिए सेना को लगाया गया है.

अब कार्रवाई में 1,500 सैनिक, 300 रेंजर्स और 1,600 पुलिसकर्मी शामिल हैं.

गिरोह के सरगना ने पुलिस के सामने आत्मसर्पण करने से इनकार कर दिया है.

बीबीसी संवाददाता रज़ा हमदानी को सूत्रों ने बताया कि 'गनशिप हेलिकॉप्टर चरमपंथियों के ठिकानों पर गोलाबारी कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक़ गिरोह ने सेना के हेलीकाप्टरों पर एंटी एयरक्राफ़्ट गनों से फ़ायरिंग की. इसको देख और जवान भेजे गए. अभियान देखते हुए इलाक़े के लोगों को घरों में ही रहने को कहा गया है.

हालांकि पंजाब प्रांत के क़ानून मंत्री राना सनाउल्लाह ने बीबीसी से बातचीत में इन ख़बरों का खंडन किया था कि ऑपरेशन को अब सेना चला रही है.

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संवाददाताओं के मुताबिक़ यह इलाक़ा सदियों से डाकुओं और विद्रोहियों का अड्डा रहा है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक़ पुलिस कार्रवाई में छोटू गिरोह के उप कमांडर पहलवान उर्फ़ पल्लू के अलावा एक अन्य नेता अली गलबाज़ गीर समेत सात लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं.

इस गिरोह के सरग़ना ग़ुलाम रसूल ने शुक्रवार को स्थानीय मीडिया को बताया था कि गिरोह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा.

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Image caption पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर राना सनाउल्लाह.

उनका कहना था कि वो सेना का सम्मान करते हैं और उसी के सामने आत्मसमर्पण करेंगे.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ पंजाब के क़ानून मंत्री राना सनाउल्ला ने एक पाकिस्तानी टीवी को बताया कि गिरोह को बचकर भागने नहीं दिया जाएगा और कोई समझौता नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि या तो गिरोह को आत्मसमर्पण करना होगा या उन्हें अगले 24 से 48 घंटों में ख़त्म कर दिया जाएगा.

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 'डॉन' अख़बार को बताया कि पुलिस के पास इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए सही हथियार और नाव तक नहीं थी.

सिंध नदी में 2010 में आई बाढ़ के बाद बने टापू पर छिपे बदमाशों के ख़िलाफ़ पंजाब पुलिस पहले भी कई बार असफल ऑपरेशन कर चुकी है.

क़रीब छह महीने पहले भी पुलिस ने इस क्षेत्र में आपराधिक गिरोहों के ख़िलाफ़ अभियान चलाया था.

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पंजाब, पाकिस्तान का सबसे घनी आबादी वाला और अमीर प्रांत है. यह प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का गढ़ भी है.

राजनपुर और रहीमयार ख़ान जिलों के बीच घने जंगलों से घिरे इस टापू पर यह ऑपरेशन चल रहा है. यह इलाक़ा सिंध और बलूचिस्तान प्रांत की सीमा से सटा है.

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