बाहर से लाया खाना गर्म करते हैं तो ये जान लें

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आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में यदि पति-पत्नी दोनों कामकाजी हों, तो घर पर खाना बनाने का वक़्त कम ही मिल पाता है. बाहर से खाना पैक कराके घर लाकर खाने का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है.

लोग दफ़्तर में बेहद व्यस्त दिन गुज़ारने के बाद घर लौटते वक़्त खाना पैक कराते हैं. घर लाकर उसे गर्म करके खाते हैं.

सवाल ये है कि क्या ऐसा करके आप अपनी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं?

बाहर से खाना पैक कराके घर लाकर खाना हमेशा बुरी बात नहीं है. दिक़्क़त तब होती है जब इसे आप गर्म करते हैं. आपको इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ सकती है. बाहर से लाया खाना गर्म करके खाने की वजह से ब्रिटेन में हर साल क़रीब दस लाख लोग फूड प्वॉयज़निंग का शिकार होते हैं.

ब्रिटिश टीवी कार्यक्रम, ''ट्रस्ट मी, आय एम ए डॉक्टर'' के होस्ट माइकल मोज़ले ने बाहर से लाया खाना गर्म करने के सही तरीक़े के बारे में जानकारी दी. ये जानकारी आपके बहुत काम आ सकती है.

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माइकल मोज़ले कहते हैं कि बाहर से लाया खाना इस्तेमाल करने की पहली शर्त है कि आप इस खाने को सिर्फ़ एक बार गर्म करें. बार-बार बचा हुआ खाना गर्म करने से इसकी पौष्टिकता कम होती है. साथ ही इसमें कीटाणु पनपने का ख़तरा बढ़ जाता है.

सोचिए, आप बाज़ार से कढ़ी, चावल और दूसरे व्यंजन पैक कराके ले आए. गर्म किया, थोड़ा सा खाया. जो बचा उसे फ्रिज में रख दिया. फिर जब मन हुआ तो फ्रिज से निकाला और फिर से गर्म किया और खाया.

ये तरीक़ा सेहत के लिए बेहद नुक़सानदेह है.

माइकल कहते हैं कि अगर आप चाहते हैं कि ये खाना आपके लिए ज़हर न साबित हो तो आपको इसे 82 डिग्री सेल्सियस गर्म करना चाहिए.

और हां, ये पैकेज्ड खाना गर्म करते वक़्त इसे हिलाते रहें. आप इसे अवन में गर्म करते हैं या फिर किसी और तरीक़े से, अक्सर खाना किनारे-किनारे ही गर्म हो जाता है.

मगर बीच में इसका तापमान 82 डिग्री सेल्सियस नहीं पहुंचता तो खाने में मौजूद बैक्टीरिया बच जाते हैं. इसलिए खाना गर्म करते वक़्त इस बात का ख़ास ख़याल रखें कि खाना चलाते हुए गर्म करें ताकि ये पूरी तरह से 82 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाए. कोई हिस्सा कम गर्म न हो.

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माइकल मोज़ले ये भी बताते हैं कि खाने को दोबारा तो क़तई गर्म न करें. वरना आप फूड प्वॉयज़निंग का शिकार हो सकते हैं. क्योंकि जितनी बार ये ठंडा होगा, इसमें बैक्टीरिया के पनपने का डर बढ़ जाएगा.

ये डर चावल के साथ सबसे ज़्यादा होता है. क्योंकि इसमें बैसिलस सेरियस नाम का बैक्टीरिया होता है. खाने में अगर ये बैक्टीरिया होता है तो ये ज़हरीले केमिकल छोड़ने लगता है, जिससे आपको उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है.

गर्म करने पर ये कीटाणु तो मर जाते हैं. लेकिन ये ज़हरीले केमिकल फिर भी खाने में बचे रह जाते हैं. नतीजा ये कि आप इस खाने को खाएंगे तो बीमार पड़ना तय है.

बेहतर होगा कि चावल को आप तुरंत ठंडा करें और इससे पहले कि ये बैक्टीरिया, ज़हरीले केमिकल छोड़े, चावल को फ्रिज में रख दें. इससे आप फूड प्वॉयज़निंग के शिकार होने से बच जाएंगे.

तो अगली बार जब आप बाहर से खाना पैक कराके घर लाएं, तो उसे इस्तेमाल से पहले ये सावधानियां ज़रूर बरतें.

(अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.)

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