उत्तर कोरिया में अमरीकी 'जासूस' को जेल

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उत्तर कोरिया में एक अमरीकी नागरिक को जासूसी के लिए 10 साल की कठोर सजा दी गई है.

62 साल के किम डॉन्ग- चुल को बीते साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था. दक्षिण कोरिया में जन्मे किम अब अमरीकी नागरिक हैं.

किम ने बीते महीने प्योंगयांग में संवाददाताओं के सामने स्वीकार किया था कि दक्षिण कोरिया के खुफिया अधिकारियों की तरफ से उन्हें पैसा मिलता है.

इससे पहले अमरीका ने उत्तर कोरिया पर आरोप लगाया था कि वो कूटनीतिक खेल में अमरीकी नागरिकों को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल करता है. हालांकि उत्तर कोरिया इन आरोपों से इंकार करता है.

जब किम को गिरफ्तार किया गया था तो अमरीकी विदेश विभाग ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया था क्योंकि उसके 'कुछ कहने से ये मामला जटिल ही होगा.'

मार्च में, अमरीकी छात्र ओटो फ्रेडररिक वार्मवेरवॉज को उत्तर कोरिया में देश के खिलाफ अपराध के आरोप में 15 साल के लिए जेल भेजा गया.

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उत्तर कोरिया पहले कह चुका है कि जब किम को गिरफ्तार किया गया तब उनके पास सेना और परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी गोपनीय जानकारी वाली एक यूएसबी स्टिक थी.

कभी वर्जिनिया में रहने वाले किम ने बताया कि उनका परिचय अमरीकी खुफिया अधिकारियों ने दक्षिण कोरिया के जासूसों से करवाया था.

उत्तर कोरिया में जनता के सामने विदेशी कैदियों से जबरदस्ती अपराध स्वीकार करवाना आम बात है.

किम को सजा ऐसे समय में हुई है जब कोरियाई प्रायद्वीप में भारी तनाव है. उत्तर कोरिया ने जनवरी में अपने चौथे परमाणु परीक्षण के बाद हाल ही में कई मिसाइल परीक्षण किए हैं.

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