बांग्लादेश: 'आइए, कान पकड़ें और विरोध करें'

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सोशल मीडिया पर बांग्लादेश के कई लोगों की कान पकड़ कर स्कूल के एक शिक्षक से माफी मांगने के पोस्ट और तस्वीरें ख़ूब चल रही हैं.

दरअसल, ऐसा तब हुआ जब ये आरोप लगे कि कुछ लोगों ने सार्वजनिक तौर पर एक शिक्षक को अपमानित किया है. ये लोग शिक्षक के अपमान का विरोध कर रहे हैं.

पिछले हफ़्ते ढाका के नजदीक नारायणगंज ज़िले में एक स्कूल के हेडमास्टर को एक सांसद की मौजूदगी में कथित तौर पर लोगों के सामने कान पकड़ कर उठक-बैठक करने को मजबूर किया गया.

जब इस घटना की तस्वीरें सामने आईं तो सोशल मीडिया पर कोहराम मच गया.

फेसबुक और यूट्यूब पर भी इसे शेयर किया गया.

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शिक्षक को सबके सामने शर्मिंदा करने और माफी मांगने पर मजबूर करने को एक बच्चे को सज़ा देने से जोड़ा गया है.

बताया जा रहा है कि टीचर ने भी बच्चे को कान पकड़ कर उठक-बैठक करने की सजा दी थी.

स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार शिक्षक हिंदू हैं और उन पर छात्र को सजा देने और इस्लाम के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहने का आरोप है.

शिक्षक ने इन आरोपों से इंकार किया है.

मीडिया के मुताबिक शिक्षक का कहना है कि स्कूल का प्रबंधन उनके खिलाफ साजिश कर रहा है.

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दैनिक अखबार 'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल समिति ने छात्र के साथ मारपीट करने, रिश्वत लेने, इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक बातें कहने और अनाधिकृत तरीके से छुट्टी लेने के आरोप में शिक्षक को स्कूल से निलंबित कर दिया है.

उधर सोशल मीडिया पर लोग स्थानीय सांसद सलीम उस्मान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

लेकिन उस्मान का कहना है कि वे शिक्षक को बेकाबू भीड़ के गुस्से से बचाने की कोशिश कर रहे थे.

हाल के दिनों में बांग्लादेश में कई धर्मनिरपेक्षक लेखकों, ब्लॉगरों, प्रोफेसरों और देश के भीतर धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले हो चुके हैं.

इस बार हिंदू शिक्षक के सार्वजनिक तौर पर हुए अपमान के मामले में अनेक लोग सोशल मीडिया पर शिक्षक के पक्ष में उठ खड़े हुए हैं.

फेसबुक पर यूजर्स, खासतौर से छात्रों ने शिक्षक से माफी मांगते हुए अपनी तस्वीरें पोस्ट करनी शुरू कर दीं.

उन सब ने अपनी तस्वीरों को अलग अलग हैशटैग के साथ पोस्ट किया है. कुछ तस्वीरें #SorrySir, #WeRSorrySir के साथ पोस्ट की गई हैं.

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इसी तरह बंगाली भाषा में भी एक हैशटैग के साथ पोस्ट किए गए हैं. उस हैशटैग का मतलब है, "आइए अपने कान पकड़ें, और विरोध करें".

एक और फेसबुक यूज़र सैफ़ कमाल के पोस्ट के एक हिस्से को कई लोगों ने कॉपी किया और शेयर किया है, "#sorrySir सॉरी सर कि हम एक ऐसे समाज में रह रहे हैं जहां एक शिक्षक का सरेआम अपमान होने पर लोग खुशी मनाते हैं. #sorrySir सॉरी सर कि हम ऐसे समाज में रह रहे हैं जहां इंसान के लिए सम्मान की भावना लोगों के भीतर मर चुकी है."

शिक्षा मंत्री नुरुल इस्लाम नाहिद सहित सरकारी कई अधिकारियों ने भी इस घटना की निंदा की है.

दैनिक अखबार द डेली स्टार के अनुसार नुरुल इस्लाम नाहिद ने इस घटना को काफी दुखद और अमानवीय बताया है. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति भी बनाई गई है.

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस को तीन दिन के भीतर इससे जुड़ी पूरी कानूनी कार्रवाई की जानकारी देने का आदेश दिया है.

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