बोको हराम के कब्ज़े से लड़की दो साल बाद छूटी

 बोको हराम इमेज कॉपीरइट other

नाइजीरिया में चरमपंथी संगठन बोको हराम ने 2014 में 276 स्कूली लड़कियों को अगवा किया था. उनमें से एक लड़की के मिलने की ख़बर है.

नाइजीरिया में सक्रिय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि बोको हराम के चंगुल से बचने वाली ये पहली लड़की है.

कार्यकर्ताओं ने बीबीसी को बताया है कि अमीना अली न्केक कैमरून की सीमा के पास सांबिसा के जंगल से मंगलवार को मिली थी.

सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि बोको हराम से लड़ने के लिए बनाए गए सिविलियन ज्वाइंट टास्ट फ़ोर्स के एक नागरिक सुरक्षाकर्मी ने लड़की को पहचान लिया था.

माना जा रहा है कि उसके साथ एक बच्चा भी है.

बोको हराम की स्थापना 2002 में की गई थी और इसके नाम का मतलब है- 'पश्चिमी शिक्षा प्रतिबंधित है.'

इमेज कॉपीरइट EPA

इस संगठन ने 2009 में हमले शुरू किए और नाइजीरिया में इसके हमलों में सैकड़ों लोग मार गए हैं.

नाइजीरिया में सक्रिय बोको हराम ने इन लड़कियों को उत्तर-पूर्वी शहर चीबॉक के उनके हॉस्टल से अप्रैल 2014 में अगवा किया था.

इनमें से कई लड़कियां ट्रकों से छलांग लगाकर या फिर जंगल में भागने के कारण बच गई थीं. लेकिन कुल 219 लड़कियां बोको हराम के कब्ज़े में थीं.

इसके बाद उनकी रिहाई के लिए नाइजीरिया के साथ-साथ दुनिया भर के कई देशों में अभियान तेज़ किया गया था.

सोशल मीडिया पर 'ब्रिंग बैक ऑवर गर्ल्स' के नाम से प्रचार में कई देशों के बड़े नेता जुड़े थे.

ये भी ख़बरें कई बार आईं कि इन लड़कियों को बोको हराम ने आत्मघाती हमलावर के तौर पर इस्तेमाल किया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार