बीवी की 'पिटाई कर सकने' वाले प्रस्ताव पर बहस

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पाकिस्तान में ऐसे विधेयक के मसौदे पर बहस जारी है जिसमें पति को पत्नी को 'हल्की पिटाई' करने की इजाज़त होगी.

महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित 'मॉडल' क़ानून बनाने के इस मसौदा विधेयक को काउंसिल ऑफ़ इस्लामिक आइडियोलॉजी (सीआईआई) में रखा गया है.

इस विधेयक में स्कूलों, अस्पतालों और कार्यालयों में मर्द और औरतों के बीच मेलजोल पर पाबंदी जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं.

सीआईआई एक संवैधानिक निकाय है जो इस्लामिक क़ानूनों से जुड़े हुए मुद्दों पर संसद को अपने सुझाव देता है. लेकिन संसद इन्हें मानने को बाध्य नहीं है.

हालांकि ट्विटर पर इसकी खूब आलोचना हो रही है. ट्विटर यूज़र इस मसौदे को 'मूर्खतापूर्ण' बता रहे हैं और इसे महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा बढ़ाने वाला बता रहे हैं.

सोशल मीडिया पर काउंसिल को भंग करने की मांग तेज़ हो गई है.

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सीआईआई के मसौदा विधेयक में कहा गया है कि महिलाओं को वो सारे हक़ मिलेंगे जो शरिया में उन्हें दिए गए हैं.

हालांकि इसमें कला के नाम पर नृत्य, संगीत और मूर्तियां बनाने पर प्रतिबंध लगाने की सिफ़ारिश की गई है.

इस साल की शुरुआत में पंजाब असेंबली ने एक महिला सुरक्षा विधेयक पास किया था, जिसे सीआईआई और धार्मिक पार्टियों ने कड़ा विरोध जताते हुए ख़ारिज़ कर दिया था और इसे ग़ैर इस्लामिक क़रार दिया था.

ख़ैबर पख्तूनख्वा सरकार ने ऐसा ही एक विधेयक काउंसिल के विचार के लिए भेजा था, जिसे सीआईआई ने ग़ैर इस्लामिक क़रार देते हुए ख़ारिज कर दिया था और घोषणा की थी कि वो इसकी जगह एक मॉडल विधेयक तैयार करेगा.

काउंसिल में विधेयक के 163 बिंदुओं पर गुरुवार से बहस शुरू हो गई है, जो शुक्रवार तक चलेगी. इस विधेयक की प्रतियां सभी प्रांतीय असेंबलियों को भेज दी गई हैं.

इन बिंदुओं में संपत्ति, शादी, मां बनना, अपराध और महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अत्याचार पर भी सुझाव दिए गए हैं.

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