मांसाहारी के मुक़ाबले शाकाहारी कमज़ोर!

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लंबे वक्त से इस बात पर बहस चली आ रही है कि जो लोग शाकाहारी हैं उनकी शारीरिक क्षमता मांसाहारियों से कम होती है.

इसी सोच को ग़लत साबित करने के संकल्प के साथ 34 वर्षीय मारिया स्ट्राइडम एवरेस्ट की चढ़ाई करने के मिशन पर निकलीं.

मेल्बर्न के एक बिज़नेस स्कूल में लेक्चरार की नौकरी करने वाली दक्षिण अफ़्रीका में जन्मीं मारिया अपने पति के साथ एवरेस्ट की चढ़ाई कर एक उदाहरण बनना चाहती थीं.

अपनी यूनिवर्सिटी के वेबसाइट पर उनका एक इंटरव्यू मार्च में प्रकाशित हुआ था जिसमें उन्होंने पति के साथ माउंट एवरेस्ट और दूसरे महाद्वीपों की सबसे ऊंची पहाड़ों की चढ़ाई करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा था कि वो साबित करना चाहती थीं कि जो लोग विगन्स (मांस और दूध से बनी चीज़ों का भी सेवन नहीं करने वाले) होते हैं वो कमज़ोर और कुपोषित नहीं होते हैं.

दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि मारिया एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच नहीं पाईं. पिछले तीन दिनों में एवरेस्ट पर मरने वाले तीन लोगों में से एक मारिया भी हैं.

अनुमान लगाया जा रहा है कि शनिवार को चोटी पर पहुंचने से पहले उनकी मौत ऊंचाई से बीमारी के कारण हो गया. उनके पति रॉबर्ट भी बीमार पड़े, हालांकि वो बच गए.

उसके बाद से कई हेडलाइन्स इस दंपत्ति के रहन-सहन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. हालांकि एवरेस्ट में जो कुछ भी हुआ उससे इस बात का कोई ताल्लुक़ है कि नहीं फि़लहाल कहा नहीं जा सकता है.

लेकिन क्या मारिया लोगों के नज़रिए को लेकर जो सोच रही थीं वो सही था? और एडवेंचर के दौरान वेगन्स क्या दिक्कतों का सामना करते हैं?

खाने में मांस, मछली और दूध के उत्पादकों का सेवन नहीं करने से ऐसे लोगों को शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी होने का ख़तरा रहता है जो शारीरिक ताकत बढ़ाने में कारगर साबित होता है.

इन पोषक तत्वों के विकल्पों को ढूंढना मुश्किल काम है.

ब्रिटिश डायटिक एसोसिएशन की डायटीशियन डॉ फ्रैंकी फिलिप्स ने बीबीसी को बताया, "आप ऐसा कर सकते हैं और आप एक गंभीर उच्च कोटी के धावक बन सकते हैं. आप ऐसा कर सकते हैं, लेकिन ये ज्यादा मुश्किल है."

लेकिन ख़राब विगन्स डायट के परिणाम स्वरूप आयरन की कमी के कारण थकान, अमीनो एसिड की कमी के कारण कमज़ोर मांसपेशियां और खाने में कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियों के कमज़ोर होने की संभावना बढ़ जाती है.

हालांकि डॉ फिलिप्स के मुताबिक़ विगन्स होने का एक फ़ायदा है कि उनका शरीर मांसाहारियों के मुक़ाबले हल्का होता है.

मारिया स्ट्राइडम और उनके पति के एवरेस्ट चढ़ाई के दो दिन पहले एक और विगन पर्वतारोही ने इस मुक़म को हासिल कर लिया.

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मुंबई में जन्मे कंप्यूटर प्रोग्रामर कुंतल जोइशर जो फिलहाल लॉस एंजेलिस में रह रहे हैं, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में लिखा कि उन्होंने एवरेस्ट की चढ़ाई कर ली है.

दुनिया के शीर्ष चोटी तक पहुँचने के लिए ये उनका पहला प्रयास नहीं था. 2014 और फिर अप्रैल 2015 में भी जोइशर ने चोटी तक पहुंचने के लिए प्रयास किए लेकिन किन्हीं कारणों से इस प्रयास को पूरा नहीं कर पाए.

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दुनिया में कई ऐसे मशहूर खिलाड़ी है जो शाकाहारी होने के बावजूद बेहद सफ़ल हैं. इस सूचि में सबसे पहले नाम आता है टेनिस जगत के शीर्ष बहनों की जोड़ी वीनस और सेरेना विलियम्स की.

दोनों ही बहनें मानती है कि ये क़रीब-क़रीब विगन्स हैं हालांकि कभी-कभी कुछ चीज़ों का सेवन कर लेती हैं.

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ब्रिटिश पूर्व हेवीवेट बॉक्सिंग चैंपियन डेविड हे भी दो साल पहले विगन बन गए. उनका कहना है कि इससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और शरीर की चर्बी भी घटी है.

वो कहते हैं कि ऐसा करने से तुरंत उन्हें पहले से कहीं ज्यादा ताक़तवर और अच्छा लगने लगा है.

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उधर कनाडा के फिगर स्केटिंग विश्व चैंपियन मेगन दुहामेल भी 2008 में विगन बन गई हैं.

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