बांग्लादेश में हिंदू पुजारी की हत्या

बांग्लादेश में हो रही हत्याओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption बांग्लादेश में पिछले साल जनवरी से 40 लोगों की हत्याएं हुई हैं

बांग्लादेश में संदिग्ध इस्लामी चरमपंथियों के ताज़ा हमले में एक हिंदू पुजारी की मौत हो गई है.

70 वर्षीय आनंद गोपाल गांगुली का लगभग सिरकटा शव पश्चिमी झेनाइदाह ज़िले में उनके मंदिर के नज़दीक पाया गया है.

उधर, पुलिस ने कथित हत्यारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में तीन संदिग्ध इस्लामी चरमपंथियों को मार गिराया है.

आनंद गोपाल गांगुली ऐसे तीसरे व्यक्ति हैं जिनकी पिछले दो दिन में ऐसी हत्या की गई है.

उप पुलिस प्रमुख गोपीनाथ कांजीलाल ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "वो सुबह एक हिंदू के घर पूजा करवाने की बात कहकर घर से निकले थे. बाद में किसानों को उनका शव एक धान के खेत में मिला."

अभी तक किसी गुट ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है और पुलिस को भी नहीं लगता कि इस वारदात का कोई चश्मदीद है.

रविवार को एक ईसाई कारोबारी की हत्या और ऐसे ही हमलों की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की पत्नी की हत्या हो गई थी.

पुलिस का कहना है कि पिछले साल जनवरी से अब तक 40 से ज़्यादा ऐसे लोगों की हत्या हो चुकी है जिन्होंने चरमपंथी के मुताबिक़ इस्लाम का अपमान किया था.

अब उदारवादी इस बात से भयभीत हैं कि ऐसे हमलों का अगला निशाना कौन बन सकता है?

सरकार का कहना है कि बांग्लादेश में इस्लामिक स्टेट की मौजूदगी नहीं है और इन हत्याओं के पीछे विपक्ष और स्थानीय चरमपंथी गुटों का हाथ हो सकता है.

आलोचकों का आरोप है कि बांग्लादेश की सरकार देश में हिंसा की समस्या से निपटने में असफल रही है.

पिछले महीनों में इस्लामी चरमपंथियों ने भिन्न पृष्ठभूमि के लोगों की हत्याएं की हैं जिनमें धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगर, शिक्षाविद्, समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता, शिया, सूफ़ी, अहमदी मुसलमान, ईसाई, और हिंदू धार्मिक अल्पसंख्यक शामिल रहे हैं.

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