पासपोर्ट के लिए वीगरों को देना होगा डीएनए नमूना

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चीन के ज़िनजियांग प्रांत की पुलिस स्थानीय लोगों से पासपोर्ट के लिए डीएनए के नमूने और कुछ अन्य जानकारी मांग कर रही है.

यिली में कई धार्मिक समुदायों के लोग रहते हैं. अब यहाँ के लोगों को पासपोर्ट के लिए मांगे गए नमूने पहले जमा कराने होंगे.

ज़िनजियांग की क़रीब आधी आबादी वीगर अल्पसंख्यकों की हैं, इनमें से ज़्यादातर लोग इस्लाम को मानने वाले हैं.

ज़िनजियांग के कई मुस्लिमों का कहना है कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है.

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उनका कहना है कि चीनी अधिकारी अक्सर उन्हें पासपोर्ट देने से इनकार कर देते हैं.

यात्रा पर इस तरह की पाबंदी की घोषणा यिली में कम्यूनिस्ट पार्टी के अख़बार और स्थानीय ट्रेवल एजेंट्स ने अपने विज्ञापनों में की है.

इन विज्ञापनों में कहा गया है कि पासपोर्ट के लिए लोगों को ख़ून का नमूना, अंगुलियों के निशान, अपनी आवाज़ की रिकॉर्डिंग और एक थ्री-डी तस्वीर जमा करनी होगी.

चीन सरकार ज़िनजियांग में हो रही हिंसा खत्म करने की कोशिश कर रही है. सरकार इस हिंसा के पीछे इस्लामी चरमपंथियों का हाथ मानती है.

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हालाँकि वीगर नेता हिंसा में अपना हाथ होने से इनकार करते रहे हैं.

यह नई नीति रमज़ान शुरू होने के ठीक पहले एक जून से लागू हुई है.

इसके अलावा चीन में सरकारी अधिकारियों और बच्चों के रमजान के दौरान रोज़े रखने पर पाबंदी लगा दी गई है.

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