यूरोपीय संघ से निकला तो 'टूट जाएगा ब्रिटेन'

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ब्रिटेन के दो पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और सर जॉन मेजर ने चेतावनी दी है कि अगर यूरोपीय संघ से ब्रिटेन निकला तो देश की 'एकता संकट' में पड़ जाएगी.

कंज़रवेटिव और लेबर पार्टी के दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों ने कहा कि यूरोपीय संघ से निकलने का फ़ैसला स्कॉटलैंड की आज़ादी के मुद्दे को फिर से पुनर्जिवित कर सकता है और उत्तरी आयरलैंड के भविष्य को भी ख़तरे में डाल देगा.

लेकिन उत्तरी आयरलैंड की सेक्रेटरी थेरेसा विलियर्स ने कहा है कि शांति वर्ता को लेकर समर्थन बहुत मज़बूत है.

उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें करना बहुत ग़ैर-ज़िम्मेदारी भरा है.

दोनों ही प्रधानमंत्री 1990 के दशक में उत्तरी आयरलैंड में शांति वार्ता में अहम भूमिका निभाई थी.

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यूरोपीय संघ में बने रहने को लेकर 23 जून को होने वाले मतविभाजन के लिए दोनों प्रधानमंत्रियों ने उत्तरी आयरलैंड से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की है.

असल में ये ऐसा ही एक संदेश अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने न्यू स्टेट्समैन में लिखे अपने एक लेख में दिया था.

इस लेख में उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ को छोड़ने के पक्ष में वोट करने की स्थिति में, वो उत्तरी आयरलैंड के भविष्य और शांति को लेकर चिंतित हैं.

ब्रिटेन के यूरोपीय संघ में रहने और स्कॉटलैंड के बाहर जाने के फ़ैसले की स्थिति में स्कॉटलैंड के ब्रिटेन में बने रहने पर एक और जनमतसंग्रह कराना पड़ सकता है.

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कभी एक दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रह चुके और अब जनमतसंग्रह पर एक साथ आए ब्लेयर और सर जॉन ने चेतावनी दी है कि "ब्रिटेन की एकता अब इस चुनाव पर निर्भर है."

सर जॉन ने 1990 और 1997 में जबकि ब्लेयर ने 1997 और 2007 में प्रधानमंत्री पद संभाला था.

सर जॉन ने कहा कि अगर स्कॉटलैंड यूरोपीय संघ से अलग होता है तो एक और आज़ादी के जनमतसंग्रह का गंभीर ख़तरा पैदा हो जाएगा और इस बार हो सकता है कि फ़ैसला 2014 से बिल्कुल उलट चला जाए.

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