मंगलवार को क्यों बंद रहा एफ़िल टावर

फ़्रांस में प्रस्तावित श्रम सुधारों के विरोध में पेरिस में प्रदर्शन करते मज़दूर. इमेज कॉपीरइट AP

फ्रांस की संसद के ऊपरी सदन में श्रम क़ानूनों में बदलाव वाले विधेयक पर मंगलवार को बहस के दौरान क़रीब 75 हज़ार लोगों ने राजधानी पेरिस में विरोध-प्रदर्शन किया.

इस दौरान हुई हिंसा में 29 पुलिसकर्मियों समेत क़रीब 40 लोग घायल हो गए. पुलिस ने 58 लोगों को गिरफ्तार किया है.

कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की वजह से दुनियाभर में मशहूर एफ़िल टॉवर को बंद करना पड़ा.

इस विधेयक में रोज़गार से जुड़े क़ानूनों में बदलाव का प्रावधान है. श्रम सुधारों के लागू हो जाने के बाद कंपनियों के लिए लोगों को काम पर रखना और निकालना काफ़ी आसान हो जाएगा. इससे काम के घंटों में भी बदलाव आएगा.

इमेज कॉपीरइट AFP

प्रस्तावित श्रम सुधारों में हर हफ़्ते 35 घंटे काम का प्रस्ताव है. लेकिन यह औसत होगा. कंपनियां स्थानीय यूनियनों से बातचीत कर इसे 46 घंटे तक कर सकती हैं.

कंपनियों के पास वेतन में कटौती का भी अधिकार होगा. प्रस्तावित सुधार मज़दूरों को नौकरी से निकालना और आसान बनाएगा, जिसके लिए अभी फ़्रांस में कड़े क़ानून हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

इसके अलावा नियोक्ताओं के लिए अपने कर्मचारियों से मैटर्निटी लीव और शादी के लिए छुट्टी, जैसी छुट्टियों पर मोलभाव आसान हो जाएगा. जिसके लिए अभी क़ानून अभी काफ़ी कड़े हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

इस विधेयक को संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली ने पारित कर दिया है. अब इस पर सेनेट में बहस हो रही है.

पुलिस ने कहा है कि पेरिस में हुई झड़पों में सैकड़ों नकाबपोश लोग शामिल थे, जिन्होंने पत्थरबाज़ी की, डिब्बों में आग लगा दी और कुछ दुकानों की खिड़कियों को तोड़ दिया. पुलिस ने इन लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की.

इमेज कॉपीरइट AFP

विरोध-प्रदर्शन सप्ताह के तहत छात्रों और कुछ यूनियन ने इस देशव्यापी प्रदर्शन का आयोजन किया था.

दी सीजीटी यूनियन के मुताबिक़ क़रीब 13 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए. हालांकि पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनों में क़रीब सवा लाख लोग शामिल थे.

इमेज कॉपीरइट AFP

रेल और टैक्सी चालकों के हड़ताल में शामिल होन की वज़ह से यातायात प्रभावित हुआ.

फ्रांस में ये प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं, जब वहां यूरो कप 2016 फ़ुटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है. यह पुलिस के लिए चुनौती है, जो फ़ुटबॉल प्रेमियों की हिंसा की वजह से पहले से ही परेशान है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

वहीं काम के लिए अच्छी परिस्थितियों की मांग को लेकर एयर फ्रांस के पायलट भी हड़ताल पर हैं. एयर फ़्रांस ने ने कहा है कि हड़ताल की वजह से क़रीब 20 फ़ीसद को रद्द करना पड़ा.

फ़्रांस के गृह मंत्री ने कहा है कि वो पुलिस पर और हमलों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मानवता, सहनशीलता और सम्मान प्रदर्शित करने की अपील की.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार