औरतों की तफ़री
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#100Women: आधी रात में औरतों की तफ़री

साल 2012 में दिल्ली में एक छात्रा के सामूहिक बलात्कार के बाद भारत में औरतों के प्रति रवैए पर सवाल उठने लगे.

दुनियाभर की पैनी नज़र और आम लोगों के विरोध के बाद क़ानून और कड़े किए गए.

चार साल बाद औरतें अपने ख़िलाफ़ हो रही हिंसा के बारे में ख़ुल कर बोलना चाहती हैं, वो अब शर्म और इज़्ज़त के बोझ तले नहीं दबना चाहतीं.

कैसे आ रहा है ये बदलाव? बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य की विशेष रिपोर्ट.

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