राजनीति में महिलाओं को क्या फ़ायदा?
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राजनीति और महिलाओं पर मोहनलालगंज से सांसद रहीं पूर्णिमा वर्मा

वर्ष 1993 में बाबरी मस्जिद तोड़े जाने के वक्त राजनीति में आईं पूर्णिमा 1996 में सांसद बनीं.

पूर्णिमा बताती हैं, "उस दौर में ये औरतें राजनीति का हिस्सा तो बनना चाहती थीं, पर उनके घर से कोई इन्हें वोट डलवाने ही नहीं ले जाता था. मैंने घर-घर जाकर इनके परिवारों से अपील की कि वो इन्हें वोट डालने ले जाएं."

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