दिल्ली का रोहिंग्या रेफ्यूजी कैंप
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

दिल्ली में किस हाल में हैं रोहिंग्या मुसलमान.

बर्मा में पिछले कई वर्षों से जारी सांप्रदायिक हिंसा में अनेक रोहिंग्या मुसलमानों ने किसी न किसी अपने को खोया है.

23 वर्षीय अमीना जब 2012 में बर्मा में जारी हिंसा से बच कर भागीं थीं, तब उनके पास सीमा-पार करने तक के पैसे नहीं थे.

मिलते-जुलते मुद्दे