वाजपेयी जैसा कोई नहीं
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

अटल बिहारी वाजपेयी की लोकप्रियता को याद कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी.

बड़ा दिलचस्प वाकया है जब अक्टूबर, 2001 में नरेंद्र मोदी एक निजी टीवी चैनल के कैमरामैन गोपाल बिष्ट के अंतिम संस्कार में शामिल थे, तभी उनके पास प्रधानमंत्री निवास से फ़ोन आया, कहा गया आकर मिलिए.

श्मशान में आए उस फोन ने हिंदुस्तान की राजनीति के नक्शे को बदल दिया. उस शाम वाजपेयी से मुलाकात के बाद नरेन्द्र मोदी गुजरात में मुख्यमंत्री बनने के लिए रवाना हो गए.