वर्षांत पेशकश: राजेंद्र यादव
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

वर्षांत पेशकश: राजेंद्र यादव

बीबीसी हिंदी की वर्षांत पेशकश में सुनिए कार्यक्रम हिंदी के मशहूर साहित्यकार राजेंद्र यादव पर.

राजेंद्र यादव नई कहानी के दौर के प्रमुख कहानीकारों में थे. उन्होंने लक्ष्मी कैद है और टूटना जैसी कई प्रसिद्ध कहानियां और सारा आकाश, उखड़े हुए लोग, शह और मात जैसे उपन्यास लिखे.

हंस पत्रिका के संपादक के रूप में उन्होंने स्त्री और दलित विमर्श को एक नई पहचान और शक्ति दी और अपनी बेबाक टिप्पणियों और अलग अंदाज़ के लिए हमेशा चर्चा में रहे.

साल 2013 में 84 साल की उम्र में उनका निधन हुआ. राजेंद्र जी ने हमारे वरिष्ठ सहयोगी रेहान फ़ज़ल को एक इंटरव्यू दिया था...उसी इंटरव्यू पर आधारित पेशकश सुनिए विदित मेहरा से.

मिलते-जुलते मुद्दे