भारत में इश्क का बदलता चेहरा
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भारत में स्त्री-पुरुष संबंधों के बदलते स्वरुप पर रेहान फ़ज़ल की विवेचना

  • 17 फरवरी 2017

‘वेलेंटाइंस डे’ के बारे में कहा जाता है कि इस दिन के बहाने युवाओं को काफी उन्मुक्तता मिल जाती है.

शायद इसी वजह से इसका विरोध भी होता है और समर्थन भी.

भारत में प्रेम विवाह पहले की तुलना में आज कहीं अधिक हो रहे हैं, लेकिन साथ ही अरेंज मैरिज के स्वरुप में भी काफी बदलाव देखने में आ रहे हैं.

भारत में स्त्री-पुरुष संबंधों में जितना बदलाव पिछले दस सालों में आया है, उतना शायद पिछले तीन हज़ार सालों में नहीं.

रेहान फ़ज़ल विवेचना में नज़र डाल रहे हैं स्त्री पुरुष संबंधों के बदलते स्वरुप पर

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