'मेरी तो ज़िंदगी तबाह हो गई'
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हुसैन को 12 साल बाद दिल्ली बम धमाकों के आरोपों से बरी किया गया

हुसैन का कहना है, "अब घर पहुंच कर मुझे लग रहा है कि मैंने क्या खोया. घर पहुंचा तो मां को बिस्तर पर लेटा पाया, बाप के आंखों की रोशनी भी ख़त्म हो गई है."

बेगुनाही के 12 साल जेल में काटने पर हुसैन पूछते हैं, "जिस तरह मुझे 12 साल के बाद जेल से बरी कर दिया गया, क्या बारह साल पहले ऐसा नहीं हो सकता था? मेरी ज़िन्दगी तो तबाह हो गई. जब गिरफ़्तार किया गया तो मेरी शादी की उमर थी."

ये पूछने पर कि क्या जिन लोगों ने आपको गिरफ़्तार किया था, उनके ख़िलाफ़ कारवाई होनी चाहिए या फिर आपको मुआवजा मिलना चाहिए. वह कहते हैं, "मेरी मांग ये है कि जिन पुलिस वालों ने मुझे उठाया था, उनसे ये पूछा जाए कि मेरे साथ ऐसा क्यों किया गया?"

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