...विनोद लेक्चरर बनना चाहते थे
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

...विनोद लेक्चरर बनना चाहते थे

  • 22 मई 2017

विनोद कुमार यादव की उम्र 35 साल है और वो बेरोज़गार हैं.

विनोद लेक्चरर बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पीएचडी भी कर ली. मगर उनके पास कोई नौकरी नहीं है.

पीएचडी के बाद उन्हें किसी कॉलेज में दो या तीन महीनों तक बतौर गेस्ट लेक्चरर पढ़ाने का मौक़ा मिला. इसके बावजूद उन्हें पक्की नौकरी कहीं नहीं मिली. उन्हीं से सुनिए क्यों?

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)