आज़ाद कलम के हिमायती ख़्वाजा अहमद अब्बास
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ख़्वाजा अहमद अब्बास की 30वीं पुण्य तिथि पर रेहान फ़ज़ल की विवेचना

  • 2 जून 2017

ऐसा बहुत कम देखने में आता है कि कोई शख़्स एक बड़ा पत्रकार होने के साथ साथ उतना ही बड़ा फ़िल्मकार और कहानीकार भी हो.

ख़्वाजा अहमद अब्बास इसी श्रेणी में आते थे. आवारा, श्री 420, शहर और सपना और मेरा नाम जोकर जैसी फ़िल्में लिखने वाले अब्बास ने लगातार 45 सालों तक ब्लिट्ज़ अख़बार का ‘लास्ट पेज’ कॉलम लिखा.

ख़्वाजा अहमद अब्बास की 30वीं पुण्य तिथि पर रेहान फ़ज़ल की विवेचना