घर नहीं तो कंटेनर में रह लीजिए!
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

घर नहीं तो कंटेनर में रह लीजिए!

अक्षत गोयल और निखिल दुग्गल ने अफ्रीका में एक स्कूल देखा जो की शिप कंटेनर से बना था. फिर भारत आकर इस पर प्रयोग किया जो सफल रहा. इस तरह एक ऐसी बिल्डिंग तैयार की जो की सस्ती, सुंदर और टिकाऊ होने के साथ ही इको फ्रेंडली भी है.

हालांकि भारत में अभी इस तरह के घर पर माइंड सेट नहीं बदला है लेकिन धीरे-धीरे इस बारे में जागरुकता आ रही है. इन कंटनेर को सुविधा के अनुसार डिज़ाइन किया जा सकता है.

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