पिक्चर अभी बाकी है..?
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

पिक्चर अभी बाकी है..?

मॉल और मल्टीप्लेक्स की भीड़ में वो सिनेमाघर आख़िरी सांसें गिन रहे हैं जो कभी शहर की जान हुआ करते थे. जो बचे हैं, वो एक-एक दिन कैसे काट रहे हैं, ये वही जानते हैं.

सिनेमाघरों के इर्द-गिर्द चलने वाली दुनिया सिमट रही है और इस कारोबार से जुड़े लोग अपनी जेब से पैसा लगाने पर मौजूद हैं.

(प्रोड्यूसर: देबलिन रॉय, बीबीसी हिन्दी के लिए)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)