'ऐसा लगता है जैसे किसी जेल में चले गए हों'
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'ऐसा लगता है जैसे किसी जेल में चले गए हों'

सरहद के करीब ये बाड़....यहाँ से आगे सिर्फ़ स्थानीय किसान ही जा सकते हैं. यहाँ पाकिस्तानी किसानों से बात करने की इजाज़त नहीं है.

भारत-पाकिस्तान विभाजन के 70 साल बाद कुछ लोगों के ज़ख्म तो भर गए हैं, लेकिन स्थानीय किसानों के नहीं.