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चार साल बाद भारत, चीन युद्ध अभ्यास फिर शुरु होगा

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4 सितंबर 2012 17:25 IST
लियांग गुआंगली, एके एंटनी

राजधानी दिल्ली में भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच मुलाकात के बाद ये तय किया गया है कि दोनों देशों के बीच चार साल पहले बंद हुआ संयुक्त सैन्य अभ्यास फिर से शुरू होगा.

चीनी रक्षा मंत्री जनरल लियांग गुआंगली ने भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ विस्तृत बातचीत के बाद कहा, "हम दोनों के बीच बहुत साफगोई से बातचीत हुई, उच्च स्तरीय दौरों, प्रशिक्षित सैन्य बलों का आदान-प्रदान और समुद्री इलाकों की सुरक्षा के अलावा हमने दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग बनाने के बारे में भी सहमति बनाई है."

भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा, "हमने संयुक्त सैन्य अभ्यास दोबारा शुरु करने का फैसला किया है, साथ ही हमने सीमाओं से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की."

दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े विवाद बार-बार उठते रहे हैं. वर्ष 2008 में कुछ कूटनीतिक अनबन के बाद संयुक्त सैन्य अभ्यास रोक दिया गया था. इसमें वीज़ा देने से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे.

पिछले आठ सालों में भारत का दौरा करने वाले जनरल गुआंगला पहले चीनी रक्षा मंत्री हैं. चीन में नवंबर में सत्ता का नेतृत्व बदलने से पहले यह आख़िरी बड़ा दौरा माना जा रहा है.

'पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से दूर रहे चीन'

हालांकि इससे पहले एके एंटनी ने बताया था कि भारत ने चीन से पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में अपनी परियोजनाएं रोकने के लिए कहा है, बातचीत के दौर के बाद उन्होंने इसकी कोई चर्चा नहीं की.

एके एंटनी ने सोमवार को संसद को बताया था कि सरकार को चीन की पीओके में परियोजनाओं के बारे में जानकारी है और उन्होंने चीन के साथ यह मुद्दा उठाया था.

उन्होंने कहा कि चीन ने जम्मू-कश्मीर में 43,180 वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर रखा है, जिसमें पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 5,180 वर्ग किलोमीटर भी शामिल हैं.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चीनी गतिविधियों में राजमार्गों, बाँधों और जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण शामिल है.

इससे पहले चीन यह कहता रहा है कि वो अपनी परियोजनाओं पर काम करना जारी रखेगा हालांकि भारत ने कहा था कि वे दोनों देशों के संबंधों पर 'दीर्घावधि विचार' करते हुए इन परियोजनाओं को बंद कर दे.

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