'शेक्सपीयर का प्रेम ब्रिटेन खींच लाया'

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कहां शास्त्रीय नृत्य शैली भरतनाट्यम और कहां पश्चिम का समकालीन नृत्य. दोनों के बीच उतना ही फ़ासला है जितना पूर्व और पश्चिम में. लेकिन शोभना जयसिंह ने पारंपरिक सीमाओं से परे नृत्य की एक नई भाषा तैयार की है.

“मैंने सोच विचार कर ऐसा नहीं किया. मैंने भरतनाट्यम सीखा था और आज भी मैं भरतनाट्यम की प्रशंसक हूं. लेकिन जब मैं लंदन में रहने लगी और यहां नृत्य रचनाएं करने लगी तो मुझे लगा कि मेरी रचनाएं, मेरी जीवन शैली से जुड़ी होनी चाहिए. इस तरह मेरी कोरियोग्राफ़ी, मेरे आस-पास के परिवेश को प्रतिबिंबित करती है. और अपने आस पास मैं जो देखती हूं वह विभिन्न संस्कृतियों का एक अद्भुत मिश्रण है. बस वही मेरी नृत्य रचनाओं की शुरुआत रही”.

शोभना जयसिंह का जन्म 26 मार्च 1957 को चैन्नई में हुआ. तमिल परिवारों में लड़कियों का भरतनाट्यम सीखना आम बात है. लेकिन शोभना ने शुरु से ही एक विलक्षण प्रतिभा का प्रदर्शन किया. मैं समझी कि उनकी प्रतिभा ही उन्हे ब्रिटेन लेकर आई होगी. लेकिन नहीं. वो हंसकर कहती हैं “दरसल शेक्सपीयर का प्रेम मुझे यहां खींच लाया”.

शोभना जयसिंह डांस कंपनी

शोभना जयसिंह डांस कंपनी की नृत्य रचना

शोभना ने अंग्रेज़ी साहित्य का अध्ययन किया और साथ साथ अपनी नृत्य कला को भी सींचा. सन 1980 के दशक में उन्होने ब्रिटन के कई शहरों में अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया. उन्हे महसूस हुआ कि इस नए परिवेश में अपनी कला को सार्थक और सामयिक बनाने के लिए कुछ बदलाव करने होंगे. वो भरतनाट्यम में नए प्रयोग करने लगीं और एक कोरियोग्राफ़र के रूप में प्रतिष्ठित हुईं. वर्ष 1988 में उन्होने शोभना जयसिंह डांस कंपनी की स्थापना की.

उन्होंने दोनों देशों की नृत्य परंपराओं को आत्मसात किया. भरतनाट्यम की अलंकारिक मुद्राएं और थापदार पद संचालन, पश्चिमी बैले की प्रवाहपूर्ण लम्बी रेखाएं और समकालीन नृत्य का बल और प्रहार.

उनकी गतिशील, निर्भीक और रहस्यमयी कोरियोग्राफ़ी पिछले दो दशकों से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को मोहित करती आ रही है. उनकी रचनाओं में सांस्कृतिक विविधता को एक नए ढंग से प्रस्तुत किया गया है. वो अपनी नृत्य रचनाओं के लिए जब विषय वस्तु का चयन करती हैं तो उन्हे ब्रिटेन की मिली जुली संस्कृति ही नज़र आती है.

“अब तक मैंने जो काम किया है उसमें एक प्रमुख सूत्र रहा है और वह यह, कि किसी तरह शरीर, इक्कीसवीं शताब्दी के एक सर्वदेशीय शहर में रहने की सच्चाई को अभिव्यक्त कर सके. अगर मैं लंदन में सड़क के किनारे चल रही हूं तो मुझपर बराबर तरह तरह की जानकारी फेंकी जाती है. यही जानकारी मैं अपनी नृत्य रचनाओं के ज़रिए अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूं”.

शोभना जयसिंह

शोभना जयसिंह ब्रिटन की एक जानी मानी कोरियोग्राफ़र हैं.

जब मैं शोभना से मिलने गई तो वो उत्तरी लंदन के जैकसन्स लेन थियेटर में अपनी नई रचना में व्यस्त थीं. मैंने देखा कि जिसतरह उनकी रचनाओं में ब्रिटेन की बहुसांस्कृतिक छाप दिखाई देती है उसी तरह उनकी नर्तक मंडली में भी कई पृष्ठभूमियों के लोग शामिल हैं. उन्होने बताया कि उनकी कंपनी में मलेशिया, अमरीका, इटली, भारत और स्पेन से कलाकार शामिल होते रहे हैं.

भले ही शोभना लंदन में रहती हैं लेकिन भारत के साथ वो गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं. उनकी मां और सगे संबंधी भारत में रहते हैं इसलिए वो हर साल भारत जाती हैं.

शोभना जयसिंह डांस कंपनी ने हॉंगकॉंग, सिंगापुर, सोल, न्यूयॉर्क और यूरोपीय शहरों में प्रस्तुतियां की हैं लेकिन भारत में नहीं.

“ये एक सवाल है जो बहुत लोग मुझसे पूछते हैं. लेकिन इसका जवाब है, नहीं...हमने कभी भारत में कोई कार्यक्रम प्रस्तुत नहीं किया. हालांकि मेरी कंपनी की भारत में पहचान है. जिन लोगों की समकालीन नृत्य में दिलचस्पी है वो मेरी कंपनी के नाम से परिचित हैं और मेरी कंपनी के कई पूर्व कलाकार भारत में नृत्य प्रस्तुतियां कर चुके हैं. लेकिन मैं अब भी किसी निमंत्रण का इन्तेज़ार कर रही हूं”.

पिछले कुछ समय से पश्चिमी फ़िल्मकार बॉलीवुड के कलाकारों के साथ काम कर रहे हैं और बॉलीवुड के फ़िल्मकार क्रॉस ओवर फ़िल्में बना रहे हैं. शोभना जयसिंह को बॉलीवुड की नृत्य रचनाएं बहुत लुभाती हैं.

शोभना जयसिंह डांस कंपनी

शोभना जयसिंह डांस कंपनी की नृत्य रचना

“बॉलीवुड की नृत्य शैली की जो बात मुझे सबसे ज़्यादा आकर्षक लगती है, वह यह, कि वह कैमरे में गुंथी हुई है. यानि नृत्य को कैमरे के लैन्स से देखा जाता है. शरीर को एक ख़ास कोण से देखना, जो केवल कैमरा ही कर सकता है. अगर कोई मुझसे बॉलीवुड या तमिल फ़िल्मों के नृत्य की कोरियोग्राफ़ी करने को कहेगा तो मैं बड़ी ख़ुशी से इसे स्वीकार करूंगी”.

शोभना ने अपनी नृत्य रचनाओं के लिए बहुत तरह के संगीत का प्रयोग किया है. वो कहती हैं, “संगीत के बारे में मेरी कुछ तय सोच नहीं है. मेरी दिलचस्पी संगीत शैली की बजाए, संगीतकारों में अधिक है”.

उन्होने बंगलौर और चैन्नई के मशहूर संगीतकारों के अलावा ब्रिटेन के कई मशहूर संगीतकारों के साथ काम किया है जैसे माइकल नाइमन, ग्लिन पेरिन और ग्रेहम फ़िटकिन.

शोभना ने केवल मंच के लिए ही नहीं बल्कि कैमरे के लिए भी कई नृत्य रचनाएं प्रस्तुत की हैं. उन्हे कितने ही पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं जिनमें डिजिटल डांस अवॉर्ड, साउथबैंक शो अवॉर्ड और लंडन म्यूज़िक एन्ड डांस अवॉर्ड प्रमुख हैं.

नृत्य जगत की सेवा के लिए 1995 में उन्हे ब्रिटन की महारानी ऐलिज़ाबेथ द्वितीय की ओर से ऐमबीई सम्मान मिला और

कला जगत में योगदान के लिए 2008 में मिला एशियन वुमन ऑफ़ अचीवमैंट पुरस्कार.

शोभना जयसिंह न केवल नृत्य प्रस्तुतियां करती हैं बल्कि नृत्य को प्रोत्साहन देने वाले शैक्षिक कार्यक्रम भी चलाती हैं. वो स्कूली बच्चों के साथ भी काम करती हैं जिससे नृत्य की भाषा और तकनीक से उनका परिचय हो सके.

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