विश्वमोहन भट्ट की संगीत संध्या

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लंदन में भारतीय शास्त्रीय संगीत के कलाकारों को देखने और सुनने का अवसर कम ही मिलता है लेकिन पिछले दिनों मोहनवीणा के सुप्रसिद्ध कलाकार पंडित विश्वमोहन भट्ट और उनके पुत्र सलिल भट्ट ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

विश्व के सर्वोच्च संगीत पुरस्कार ग्रैमी से सम्मानित पंडित विश्वमोहन भट्ट ने संगीत की अभिव्यक्ति के लिए पश्चिमी वाद्य गिटार का भारतीयकरण किया और उसे नाम दिया मोहनवीणा. जैसा मोहक उनका संगीत है वैसा ही चमत्कृत करने वाला उनका वाद्य भी है.

नोट एशिया फ़ाउंडेशन ने इस संगीत संध्या का आयोजन किया था.

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