महल बना भारतीय सैनिकों का अस्पताल

  • ब्राइटन का रॉयल पेवेलियन
    इंगलैंड के राजा जॉर्ज चतुर्थ के सुप्रसिद्ध रॉयल पेवेलियन में एक प्रदर्शनी शुरु हुई है जिसे प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के अस्पताल के रूप में इस्तेमाल किया गया था.
  • ब्राइटन का रॉयल पेवेलियन
    दिसम्बर 1914 से लेकर फ़रवरी 1916 के बीच पश्चिमी मोर्चे पर लड़ने वाले इंडियन कॉर्प्स के 4000 से अधिक घायल भारतीय सैनिकों का यहां इलाज हुआ.
  • महल बना अस्पताल
    भारतीय सैनिक महल के भव्य परिवेश से बहुत प्रभावित हुए. एक सैनिक ने घर पत्र लिखा, "मेरी चिंता न करें, हमारी बहुत अच्छी देखभाल हो रही है. हमारा अस्पताल एक महल में है जहां राजा की राजगद्दी हुआ करती थी".
  • भारतीय सैनिक
    ब्रिटिश इंडिया के सैनिकों के धार्मिक और सांस्कृतिक भिन्नता का पूरा ध्यान रखा जाता था. जैसे हिन्दुओं और मुसलमानों को अलग अलग पानी उपलब्ध कराया जाता और उनकी सेवा करने वाले उनके ही जात धर्म के होते थे.
  • ऑपरेशन थियेटर
    एक ऑपरेशन थियेटर में तैयार छ शल्यचिकित्सक और नर्स. सन 1914 में ब्राइटन हैरल्ड अख़बार ने लिखा, "इंगलैंड के इतिहास में ऐसे अध्याय कम ही होंगे जैसे ब्राइटन में लिखे जा रहे हैं".
  • राजा जॉर्ज पंचम और रानी मेरी
    विश्वयुद्ध के दौरान पेवेलियन का ब्रिटन के राजपरिवार से संबंध बना रहा. सन 1915 में राजा जॉर्ज पंचम और रानी मेरी वहां आए और उन्होने भारतीय सैनिकों को वीरता के लिए पुरस्कार भी दिए.
  • किचनर अस्पताल
    ब्राइटन में दरिद्रालयों में रहने वालों के लिए बने अस्पताल को भी भारतीय सैनिकों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया गया. इसका नाम ब्रिटन के युद्ध मंत्री लॉर्ड किचनर के नाम पर रखा गया.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.